दुबई. दुबई एयर शो में भारत का तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। भारतीय वायुसेना ने भी इस दुर्घटना की पुष्टि की है। इस दुर्घटना में तेजस को उड़ा रहे पायलट भी शहीद हो गए हैं। वायुसेना ने इस दुर्घटना के कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के भी आदेश दे दिए हैं। तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में विमान को तेजी से नीचे आते और जमीन से टकराते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद विमान आग का गोला बन गया। ऐसा पहली बार हुआ है, जब तेजस विमान किसी एयर शो के दौरान दुर्घटना का शिकार हुआ है।
कैसे दुर्घटनाग्रस्त हुआ तेजस लड़ाकू विमान
भारतीय वायुसेना ने तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों को लेकर अभी तक कुछ नहीं कहा है। माना जा रहा है कि विस्तृत जांच के बाद ही असल कारणों का पता चल सकेगा। हालांकि, तेजस को लेकर हुए पिछले विवादों से एक शक की सुई अमेरिका की ओर भी घूम रही है। ऐसे में इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे किसी बाहरी शक्ति का हाथ हो।
अमेरिका ने तेजस के इंजन की डिलीवरी लटकाई
HAL ने 2021 में जीई से 99 इंजनों के लिए $1 बिलियन का सौदा किया था। हालांकि जनरल इलेक्ट्रिक ने इंजनों की डिलीवरी में काफी देरी की। जीई ने दावा किया था सप्लाई चेन की समस्याओं के कारण उसे इंजनों की आपूर्ति में देरी हो रही है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, माना गया कि अमेरिकी प्रशासन ने जानबूझकर भारत के तेजस प्रोजेक्ट को प्रभावित करने के लिए इस डिलीवरी में देरी कराई थी। बाद में भारत के जोर देने के बाद जीई ने इंजनों की सीमित आपूर्ति शुरू की। हालांकि, इस कारण एचएएल से भारतीय वायुसेना को तेजस विमानों की डिलीवरी प्रभावित हुई।
क्या अमेरिका कर सकता है बदमाशी
अमेरिका एक ऐसा देश है, जो अपने फायदे के लिए दोस्तों को भी नहीं छोड़ता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां हैं। ट्रंप ने भारत को प्रभावित करने के लिए 50 प्रतिशत का टैरिफ भी लगाया हुआ है। ऐसे में इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि अमेरिका भारत के लड़ाकू विमान प्रोग्राम या उसकी मार्केटिंग को प्रभावित करने के लिए कोई बदमाशी की हो। हालांकि, इसके बारे में पुख्ता जानकारी भारतीय वायुसेना के जांच के बाद ही मिल पाएगी।
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