रविवार, सितंबर 20 2026 | 02:23:34 AM

नरेंद्र मोदी ने भारत वापसी के लिए नहीं किया पाकिस्तानी वायु क्षेत्र का उपयोग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी अपनी दो दिनों की सऊदी अरब की यात्रा को बीच में ही खत्म करते हुए वापस भारत आ गए हैं. खास बात है कि पीएम मोदी ने सऊदी अरब जाते हुए तो पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) को पार करते हुए यात्रा की थी लेकिन जब कश्मीर में हमले के बाद उनका विमान वापस लौटा तो पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में नहीं घुसा और लंबा रास्ता होते हुए अरब सागर के उपर से आया. पहलगाम में हुए इस कायराना हवाई हमले में कम से कम 26 लोगों की जान गई है जबकि कई घायल हैं.

फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट में दिख रहा विमान का रूट

फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के विजुअल्स से पुष्टि हुई है कि प्रधानमंत्री का भारतीय वायु सेना का विमान- बोइंग 777-300 मंगलवार की सुबह रियाद के लिए उड़ान भरते समय पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र को पार कर गया था, लेकिन वापस आते समय उसने लंबा रूट चुना और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को क्रॉस नहीं किया. वापस आते समय यह विमान अरब सागर के ऊपर से सीधे मार्ग से गुजरा. फिर इसने गुजरात के रास्ते भारत के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया और फिर उत्तर की ओर वापस दिल्ली की ओर उड़ान भरी. यह रूट लंबा पड़ा और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में जाए बिना विमान दिल्ली में लैंड कर गया.

पीएम के विमान के रूट बदलने को एक स्पष्ट संकेत के रूप में देखा गया है- वह यह कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां ​​इस समय पाकिस्तान से उभर रहे खतरे से अवगत हैं और प्रधानमंत्री और विमान में मौजूद प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा के लिए, पाकिस्तान की जगह भारत के फ्लाइट रूट को चुना गया होगा. पीएम सुबह-सुबह दिल्ली के पालम एयरफोर्स बेस पर उतरे, जिसके बाद उन्होंने तुरंत विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बैठक की. गौरतलब है कि मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुए पहलगाम हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।