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विधानसभा में ब्रजेश पाठक के मुलायम सिंह पर बयान के बाद हुआ बवाल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोमवार को उस वक्त हंगामा शुरू हो गया जब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की एक टिप्पणी को सदन में दोहरा दिया. दरअसल, ब्रजेश पाठक ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने लड़कियों से रेप की घटनाओं पर एक समय कहा था कि लड़कों से गलतियां हो जाती हैं. उनके इतना कहते ही सदन में मौजूद समाजवादी पार्टी के विधायक उनके इस बयान की निंदा करने लगे. सदन में हंगामा बढ़ने लगा. विपक्षी नेता मांग करने लगे की ब्रजेश पाठक अपने बयान पर तुरंत माफी मांगें.

समाजवादी पार्टी के विधायकों के हंगामे के बीच सदन में स्पीकर भी गुस्सा हो गए और अपने आसन से खड़े हो गए. उन्होंने हंगामा कर रहे विधायकों को शांति बनाए रखने की हिदायत भी दी. स्पीकर ने विधायकों से कहा कि आप इस बयान को गलत तरीके से ले रहे हैं, ऐसा मत कीजिए. स्पीकर के बार-बार बोलने के बाद भी सदन में हंगामा जारी रहा. इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया. उधर, अपने इस बयान को लेकर ब्रजेश पाठक ने सदन से बाहर आने के बाद मीडिया से कहा कि मैंने सदन में किसी भी व्यक्ति के लिए कुछ नहीं है. मैं सभी का सम्मान करता हूं.

क्या था पूरा विवाद

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा विधायक समरपाल सिंह के एक सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पूछा कि आपने नेताजी यानी मुलायम सिंह का सम्मान तो बहुत किया, सपा वाले नेताजी की हर बात मानते थे. क्या वह बात भी मानेंगे कि लड़के हैं, लड़कों से गलती हो जाती है. ब्रजेश पाठक के ये बोलते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।