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सेबी और एनएफएसयू के बीच डिजिटल फोरेंसिक और साइबर सिक्योरिटी के लिए किया समझौता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU), गांधीनगर के साथ दिनांक 24 नवम्बर 2025 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) किया, जिसका उद्देश्य पारस्परिक शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।

यह समझौता ज्ञापन साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक तथा फॉरेंसिक अकाउंटिंग के क्षेत्र में विशेष प्रयोगशालाओं के माध्यम से SEBI की डिजिटल फॉरेंसिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखता है। यह समझौता ज्ञापन प्रो. (डॉ.) एस.ओ. जुनारे, परिसर निदेशक, NFSU और अनिंद्य कुमार दास, मुख्य महाप्रबंधक, SEBI द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।

कौन-कौन रहा मौजूद?

प्रो. (डॉ.) एस.ओ. जुनारे, परिसर निदेशकNFSU ने कहा कि ‘पद्मश्री’से सम्मानित डॉ. जे.एम. व्यास, कुलपतिNFSU के दूरदर्शी नेतृत्व में यह महत्वपूर्ण सहयोग SEBI अधिकारियों की डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर सुरक्षा और संबंधित क्षेत्रों में विशेषज्ञता को विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से विकसित करेगा। 

साथ ही, SEBI की डिजिटल फॉरेंसिक क्षमताओं को अत्याधुनिक संरचना सुविधाओं के विकास या परामर्श प्रदान कर मुंबई अथवा SEBI की आवश्यकता अनुसार अन्य स्थानों पर सुदृढ़ किया जाएगा। यह समझौता ज्ञापन के दौरान सी.डी. जाडेजा, कार्यपालक कुलसचिव‑NFSU; सत्यजीत जवारे, डीजीएम‑SEBIविभिन्न स्कूलों के डीन और एसोसिएट डीन भी उपस्थित थे। 

साभार : दैनिक जागरण

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।