नई दिल्ली. डोनाल्ड ट्रंप ने जबसे 50 फीसदी टैरिफ लगाया है, भारत नए-नए मार्केट में संभावनाएं तलाश रहा है. यूरोपीय यूनियन से लेकर एशिया तक कई देश खुलकर भारत को ऑफर दे रहे हैं. कोई जीरो टैरिफ की बात कह रहा है तो कोई कम से कम टैरिफ की. लेकिन अब पाकिस्तान के दुश्मन अफगानिस्तान ने बंपर ऑफर दिया है. दिल्ली पहुंचे अफगानिस्तान के वाणिज्य और उद्योग मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी ने सोमवार को कहा कि हम भारत के व्यापारियों को अफगानिस्तान आने और इन्वेस्टमेंट करने का न्यौता देने आए हैं. हम उन्हें हर तरह की मदद देंगे. हमारे रिश्ते की राह के हर रोड़े हटा देंगे. इतना ही नहीं, भारतीय प्रोडक्ट पर कम से कम टैरिफ लगाएंगे. उन्होंने ये भी कहा कि जीरो टैरिफ लगाने पर भी बात चल रही है. हम भारत के लिए नए आर्थिक रास्ते खोलने को तैयार हैं.
अजीजी का यह कहना कि कम से कम टैरिफ लगाएंगे और हर बाधा दूर करेंगे सीधे तौर पर भारत को एक बड़ा संकेत है कि काबुल नई दिल्ली के लिए दरवाजे खोल चुका है और अब दोनों देश मिलकर भविष्य की राह बनाने को तैयार हैं. दिल्ली में कारोबारियों से बातचीत के बाद अजीजी ने कहा, यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि भारत और अफगानिस्तान जैसे दो महान देश अब एक साथ काम कर रहे हैं. हमारे रिश्ते सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से भी बेहद मजबूत हैं. अब हम राजनीति, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों को भी आगे बढ़ा रहे हैं.
व्यापार खुला, वीजा आसान
अजीजी ने बताया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच सबसे बड़ी रुकावटों में से एक वीजा अब हल हो चुका है. व्यापारिक वीजा अब निजी क्षेत्र के लोगों को भी मिलेगा. मेडिकल वीजा भी फिर से शुरू करने पर सहमति बन गई है. यह फैसला सीधे तौर पर हजारों अफगान मरीजों, कारोबारियों और विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आएगा.
टैरिफ पर बड़ा ऐलान
मुलाकात का सबसे अहम हिस्सा टैरिफ पर चर्चा थी. अजीजी ने कहा, भारत से जीरो टैरिफ पर बात हुई है. हम टैरिफ को कम से कम करेंगे ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार तेज़ी से बढ़े. यह भारत के लिए बड़ा अवसर है, क्योंकि अफगानिस्तान भारतीय दवाओं, कृषि उत्पादों, खाद्य सामग्री, स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर सामग्री का बड़ा बाजार है.
पाकिस्तान अब बाधा नहीं
अफगानिस्तान ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापार के रास्ते में पाकिस्तान अब बाधा नहीं बनेगा. अजीजी ने साफ कहा, भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार पाकिस्तान की वजह से रुकना नहीं चाहिए. रास्ता चाहे पाकिस्तान का हो या ईरान का, हम वही चुनेंगे जो आसान और अच्छा हो. इस बयान का संदेश क्षेत्रीय राजनीति से भी बड़ा है कि काबुल ने यह संकेत दे दिया है कि वह अपने व्यापारिक हितों को पाकिस्तान की राजनीति से अलग करके देख रहा है.
अफगानिस्तान ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापार के रास्ते में पाकिस्तान अब बाधा नहीं बनेगा. अजीजी ने साफ कहा, भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार पाकिस्तान की वजह से रुकना नहीं चाहिए. रास्ता चाहे पाकिस्तान का हो या ईरान का, हम वही चुनेंगे जो आसान और अच्छा हो. इस बयान का संदेश क्षेत्रीय राजनीति से भी बड़ा है कि काबुल ने यह संकेत दे दिया है कि वह अपने व्यापारिक हितों को पाकिस्तान की राजनीति से अलग करके देख रहा है.
कंटेनर और लॉजिस्टिक की लागत कम होगी
अजीजी ने कहा कि दोनों देशों ने लॉजिस्टिक लागत को कम करने पर भी गंभीर चर्चा की है. कंटेनर शुल्क कम होगा. मार्ग-शुल्क में कटौती की जाएगी. तेज और सस्ता रूट प्राथमिकता होगा. इसका सीधा असर भारत–अफगान व्यापार की लागत पर पड़ेगा, जो पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ गई थी.
बैंकिंग सिस्टम खोलने की तैयारी
अफगानिस्तान और भारत के बीच बैंकिंग सुविधा बंद होने के कारण व्यापार में रुकावटें थीं. मंत्री ने बताया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच बैंकिंग सिस्टम बहाल करने पर भी बातचीत शुरू हो गई है. यह कदम औपचारिक व्यापार को दोबारा मजबूत करेगा और गैर-औपचारिक रास्तों पर निर्भरता कम होगी. अजीजी ने संकेत दिया कि यह यात्रा सिर्फ शुरुआत है. आने वाले समय में काबुल में और दिल्ली में हाईलेवल मीटिंग और होंगी. भारत और अफगानिस्तान दोनों ही इसे एक दीर्घकालिक साझेदारी में बदलना चाहते हैं.
अफगानिस्तान में प्राइवेट सेक्टर का स्कोप बहुत बड़ा
अफगान मंत्री ने भारत के निवेशकों से सीधे अपील की कि खनन, कृषि, स्वास्थ्य, निर्माण, ऊर्जा इन सभी क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए बड़े अवसर हैं. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में प्राइवेट सेक्टर के लिए स्कोप बहुत बड़ा है. भारत अगर आगे आए तो दोनों देशों को फायदा होगा. अजीजी ने साफ कहा, पाकिस्तान से हमारा जो भी विवाद है, वह भारत–अफगानिस्तान के व्यापार में रुकावट नहीं बनेगा. यह बयान दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है कि अफगानिस्तान भारत के साथ स्वतंत्र और मजबूत आर्थिक रिश्ता चाहता है.
अफगान मंत्री ने भारत के निवेशकों से सीधे अपील की कि खनन, कृषि, स्वास्थ्य, निर्माण, ऊर्जा इन सभी क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए बड़े अवसर हैं. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में प्राइवेट सेक्टर के लिए स्कोप बहुत बड़ा है. भारत अगर आगे आए तो दोनों देशों को फायदा होगा. अजीजी ने साफ कहा, पाकिस्तान से हमारा जो भी विवाद है, वह भारत–अफगानिस्तान के व्यापार में रुकावट नहीं बनेगा. यह बयान दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है कि अफगानिस्तान भारत के साथ स्वतंत्र और मजबूत आर्थिक रिश्ता चाहता है.
साभार : न्यूज18
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