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गलती से सीमा पार करने के कारण पाकिस्तान ने बीएसएफ जवान को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान को गलती से पंजाब की सीमा पार कर जाने के बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया. एक अधिकारी ने बताया कि जवान की रिहाई के लिए दोनों देशों के बलों के बीच बातचीत जारी है. उन्होंने बताया कि 182वीं बटालियन के कांस्टेबल पीके सिंह को बुधवार (23 अप्रैल 2025) को फिरोजपुर सीमा पार से पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया.

पाकिस्तानी रेंजर्स ने कैसे BSF को पकड़ा?

अधिकारी ने बताया कि जवान वर्दी में था और उसके पास सर्विस राइफल भी थी. उन्होंने बताया कि बीएसफ जवान किसानों के साथ था और वह छाया में आराम करने के लिए आगे बढ़ा, जिसके बाद उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने पकड़ लिया. अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ जवान की रिहाई के लिए दोनों देशों के बलों के बीच फ्लैग मीटिंग जारी है. अधिकारी ने बताया कि ऐसी घटनाएं असामान्य नहीं हैं और दोनों पक्षों के बीच पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं. अधिकारी ने बताया कि यह घटना पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में हुई है, जिसके बाद भारत ने आतंकवाद को प्रायोजित करने को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं.

भारत-पाकिस्तान ने एक-दूसरे के खिलाफ लिए एक्शन

यह घटना ऐसे समय में घटी है जब पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत-पाकिस्तान ने एक-दूसरे के खिलाफ कड़े फैसले लिए हैं. भारत के एक्शन के बाद पाकिस्‍तान सरकार ने गुरुवार (24 अप्रैल 2025) को नेशनल सिक्‍योरिटी कमेटी (NSC) की बैठक बुलाई. बैठक में पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापारिक संबंध खत्म करने की घोषणा की. इसके साथ ही भारतीय विमानों के लिए पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. भारत के सिंधु जल समझौते को निलंबित किए जाने पर पाकिस्तान ने कहा कि पानी रोकना युद्ध जैसी कार्रवाई है. पाकिस्तान ने भारत के सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को एकतरफा रूप से निलंबित करने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है और इस मुद्दे को विश्व बैंक तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की घोषणा की है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।