रविवार, सितंबर 20 2026 | 01:21:07 AM

एलओसी पर लगातार तीसरे दिन भी पाकिस्तान ने की गोलीबारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir Latest News) के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में दरार आ गया है। भारतीय सरकार पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन जारी है। इस बीच पाकिस्तान भी अपनी गीदड़भभकी से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान के कई नेता और अधिकारी आए दिन गीदड़भभकी दे रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तानी सैनिक लगातार एलओसी पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहे हैं।

लगातार तीसरी रात को भी पाकिस्तान ने LoC पर की फायरिंग

पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए बिना उकसावे के गोलीबारी की। अधिकारियों ने रविवार को कहा और कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने प्रभावी ढंग से जवाब दिया। यह लगातार तीसरी रात थी जब पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बिना उकसावे के गोलीबारी की। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि 26-27 अप्रैल की मध्यरात्रि को, पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने तुतमारी गली और रामपुर सेक्टरों के सामने के इलाकों में नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने ‘उचित छोटे हथियारों से गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया’।

साभार : दैनिक जागरण

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।