शनिवार, फ़रवरी 21 2026 | 05:23:41 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / भारत ने नाटो चीफ को गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां न करने की दी सलाह

भारत ने नाटो चीफ को गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां न करने की दी सलाह

Follow us on:

नई दिल्ली. भारत ने नाटो यानी उत्तर अटलांटिक संधि संगठन के महासचिव मार्क रूट के उस बयान को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिसमें पीएम नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन विवाद को लेकर विमर्श किये जाने का जिक्र है। नाटो महासचिव रूट ने यह दावा किया था कि टेलीफोन पर वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका की तरफ से 50 फीसद का टैक्स लगाये जाने पर चिंता जताई और राष्ट्रपति पुतिन की आगे की रणनीति के बारे में मशविरा किया। रूट ने एक मीडिया चैनल के साथ वार्ता में ऐसा दिखाने की कोशिश की है कि भारत इस फैसले से बहुत ही चिंतित हो गया है और वह रूस से गुहार लगा रहा है कि आगे क्या किया जाए।

भारत ने नाटो चीफ के दावों को किया खारिज

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस तरह के दावे को गलत व निराधार बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई बातचीत कभी हुई ही नहीं और नाटो जैसे महत्वपूर्ण संगठन के नेतृत्व से ऐसी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों की उम्मीद नहीं की जाती।

मार्क रूट का बयान तथ्यात्मक रूप से गलत- भारत

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मार्क रूट का बयान तथ्यात्मक रूप से गलत है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। जायसवाल ने कहा कि, “नाटो महासचिव से सार्वजनिक बयानों में अधिक जिम्मेदारी और सटीकता बरतने की अपेक्षा होती है। ऐसी अटकलें या लापरवाही भरे बयान जो भारतीय प्रधानमंत्री के कथित संवाद को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हों या ऐसी बातचीत का जिक्र करें जो कभी हुई ही नहीं, पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।”

भारत अपने राष्ट्रीय हितों के लिए सभी कदम उठाएगा

विदेश मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि भारत की ऊर्जा आयात नीति का उद्देश्य भारतीय उपभोक्ताओं के लिए किफायती और स्थिर ऊर्जा लागत सुनिश्चित करना है। राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा को संरक्षित करने के लिए सभी आवश्यक कदम आगे भी उठाया जाएगा।

भारत अपनी ऊर्जा नीति में कोई बदलाव करने नहीं जा रहा

मार्क रूट के बयान में यह भी दावा किया गया था कि भारत और रूस के बीच बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए कथित 50 फीसद टैरिफ के संदर्भ में हुई। भारत ने इसे जिस तरह से खारिज किया है उसे अमेरिका को यह संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है कि कारोबारी वार्ता को लेकर आगे बढ़ने के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा नीति में कोई बदलाव करने नहीं जा रहा।

पीएम मोदी ने रूसी उप-प्रधानमंत्री से की मुलाकात

पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक दिन पहले ही रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशोव से मुलाकात की और कारोबार व ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग पर बात की। भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। दोनों देशों की सरकारें आगामी रूस-भारत शिखर सम्मेलन की तैयारी में जुटी हैं जिसके लिए राष्ट्रपति पुतिन नई दिल्ली आने वाले हैं।

साभार : दैनिक जागरण

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

अमृतसर एयरपोर्ट पर रुकी हुई फ्लाइट्स

पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस प्रतिबंध मार्च 2026 तक बढ़ाया; एयरलाइंस को ₹7,000 करोड़ का नुकसान

इस्लामाबाद. भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक कड़वाहट अब आसमान तक पहुँच गई है। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स …