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चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली दंगे के आरोपी ताहिर हुसैन को मिली कस्टडी पैरोल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली चुनाव से पहले एआईएमआईएम के प्रत्याशी ताहिर हुसैन को बड़ी राहत मिल गई है। देश की सर्वोच्च अदालत ने उन्हें चुनाव प्रचार के लिए 6 दिन की कस्टडी पैरोल दे दी है।

2020 दंगे के आरोपी है ताहिर हुसैन

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम, AIMIM) के अध्यक्ष व सांसद असदुद्दीन ओवैसी मुस्तफाबाद में पैदल यात्रा करने पहुंचे। इनकी पार्टी ने यहां से वर्ष 2020 के दंगे के आरोपित ताहिर हुसैन को टिकट दिया है।

ओवैसी ने ताहिर हुसैन के परिवार से की थी मुलाकात

बता दें कि एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ताहिर हुसैन को मुस्तफाबाद सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, ओवैसी ने ताहिर हुसैन को टिकट देने की घोषणा के करने के दौरान उनके परिवार से मुलाकात की थी। हालांकि, इससे पहले ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी (AAP) में थे। बता दें कि राजधानी दिल्ली में 2020 में हुए दंगे में ताहिर हुसैन का नाम भी आया था। उन्हें दंगे का आरोपी मानकर जेल भेज दिया गया। खास बात यह है कि ताहिर हुसैन के जेल में रहते हुए भी उनके विधानसभा क्षेत्र मुस्तफाबाद में हर त्योहार पर उनके पोस्टर लगते रहे।

निगम पार्षद रह चुके ताहिर हुसैन

वहीं, आम आदमी पार्टी में रहने के दौरान के ताहिर हुसैन निगम पार्षद भी थे। ताहिर हुसैन की मुस्लिमों के बीच अच्छी पकड़ है, जिस वजह से आम आदमी पार्टी को भी इसका फायदा होता था।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।