रविवार, सितंबर 20 2026 | 08:18:45 PM

गूगल ने फ्री यूजर्स के लिए ‘नैनो बनाना प्रो’ और ‘जेमिनी 3 प्रो’ पर लगाई लिमिट, अब बना पाएंगे कम फोटो

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

मुंबई. गूगल के नए एआई मॉडलों काे खूब इस्‍तेमाल किया जा रहा है। लोग ‘नैनो बनाना प्रो’ की मदद से नई-नई फोटोज तैयार कर रहे हैं। जेमिनी 3 प्रो (Gemini 3 Pro) भी इस्‍तेमाल में लाया जा रहा है। लेकिन अब फ्री यूजर्स को झटका दे दिया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने ‘नैनो बनाना प्रो’ और ‘जेमिनी 3 प्रो’ के फ्री यूजर्स पर लिमिट लगा दी है। अब लोग तय सीमा में ही फोटोज तैयार कर पाएंगे। बताया जा रहा है कि दुनियाभर के यूजर्स इन टूल्‍स को इस्‍तेमाल कर रहे हैं, जिस वजह से डिमांड अधिक हो गई है और कंपनी को यह फैसला लेना पड़ा है।

नैनो बनाना प्रो से कितनी फ्री फोटो बना सकते हैं?

9to5Google वेबसाइट (Ref.) ने गूगल के नए सपोर्ट डॉक्‍युमेंट को देखा है। इससे पता चलता है कि सिर्फ उन यूजर्स को लिमि‍ट किया गया है, जो गूगल के नए एआई टूल्‍स को फ्री में इस्‍तेमाल कर रहे हैं। नैनो बनाना प्रो (Nano Banana Pro) के फ्री यूजर्स अब एक दिन में सिर्फ 2 फोटो बना पाएंगे। पहले यह लिमिट रोजाना 3 फोटो की थी। वहीं,जेमिनी 3 प्रो (Gemini 3 Pro) के फ्री यूज को भी अब ‘बेसिक एक्‍सेस’ तक लिमिट कर दिया गया है। इसका मतलब है कि जिन लोगों ने इसका सब्‍सक्र‍िप्‍शन नहीं लिया है, वो जेमिनी से ज्‍यादा सवाल नहीं पूछ सकेंगे। लॉन्‍च के वक्‍त यह बताया गया था कि यूजर्स हर दिन 5 प्रॉम्‍प्‍ट्स दे सकते हैं, लेकिन अब इस लिमिट को बार-बार बदला जाएगा।

जीपीयू पर पड़ता है लोड

जब भी कोई यूजर एआई से फोटाे बनवाता है या सवाल पूछता है तो एआई टूल्‍स के जीपीयू पर लोड आता है। लोड अधिक होने पर सवाल का जवाब देने और फोटो बनाने में वक्‍त लगता है। इससे बचने के लिए लिमिट लगाई जाती है। गूगल के मामले में इसकी वजह अभी स्‍पष्‍ट नहीं है। कंपनी ने सिर्फ फ्री यूजर्स को लिमिट किया है। हालांकि अगर आपके पास Google AI Pro या Google AI Ultra जैसे पेड सब्‍सक्र‍िप्‍शन हैं तो आप बिना दिक्‍कत और रुकावट के पहले की तरह एआई से काम करवा सकते हैं। गूगल ने यह नहीं बताया है कि यह लिमिट पूरी दुनिया के लिए या फ‍िर चुनिंदा देशों के लिए लगी है।

साभार : नवभारत टाइम्स

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।