मोदी सरकार ने खरीफ फसलों के बढ़ाया न्यूनतम समर्थन मूल्य

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने विपणन सीजन 2025-26 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। सरकार ने विपणन सीजन 2025-26 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि की है, जिससे उत्पादकों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जा सके। पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि रामतिल (820 रुपये प्रति क्विंटल) के लिए की गई है, इसके बाद रागी (596 रुपये प्रति क्विंटल), कपास (589 रुपये प्रति क्विंटल) और तिल (579 रुपये प्रति क्विंटल) के लिए एमएसपी में वृद्धि की गई है।

विपणन सत्र 2025-26 के लिए सभी खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य

(रु. प्रति क्विंटल)

क्र.सं.फसलएमएसपी 2025-26लागत* केएमएस 2025-26लागत पर मार्जिन

(प्रतिशत)

एमएसपी2025-26 में एमएसपी में वृद्धि
अनाज2024-252013-142024-25 की तुलना मे2013-14 की तुलना मे

 

1.धानसामान्य236915795023001310691059

(81 प्रतिशत)

ग्रेड ए^238923201345691044

(78 प्रतिशत)

2.ज्वारहाइब्रिड3699246650337115003282199

(147 प्रतिशत)

मालदंडी^374934211520328

 

2299

(147 प्रतिशत)

3.बाजरा2775170363262512501501525

(122 प्रतिशत)

4.रागी4886325750429015005963386

(226 प्रतिशत)

5.मक्का2400150859222513101751090

(83 प्रतिशत)

दलहन
6.तूर/अरहर8000503859755043004503700

(86 प्रतिशत)

7.मूंग876858455086824500864268

(95 प्रतिशत)

फसलएमएसपी 2025-26लागत* केएमएस 2025-26लागत पर मार्जिन (प्रतिशत)एमएसपी2025-26 में एमएसपी में वृद्धि
2024-252013-142024-25 की तुलना में2013-14 की तुलना में

 

8.उड़द780051145374004300400

 

3500
(81प्रतिशत)
तिलहन
9.मूंगफली726348425067834000 

480

3263

(82%)

 

10.सूरजमुखी के बीज7721514750728037004414021

(109 प्रतिशत)

11.सोयाबीन (पीला)5328355250489225604362768

(108 प्रतिशत)

12.तिल9846656450926745005795346

(119 प्रतिशत)

 

13.रामतिल9537635850871735008206037

(172 प्रतिशत)

वाणिज्यक
14.कपास(मध्यम रेशे)771051405071213700 

589

4010

(108 प्रतिशत)

(लंबे रेशे)^8110752140005894110

(103 प्रतिशत)

*लागत को संदर्भित करता है जिसमें भुगतान की गई सभी लागतें शामिल हैं जैसे कि किराए पर लिए गए मानव श्रम, बैल श्रम/मशीन श्रम, पट्टे पर ली गई भूमि के लिए भुगतान किया गया किराया, बीज, उर्वरक, खाद, सिंचाई शुल्क, औजारों और कृषि भवनों पर मूल्यह्रास, कार्यशील पूंजी पर ब्याज, पंप सेट आदि के प्रचालन के लिए डीजल/बिजली, विविध व्यय और पारिवारिक श्रम का आरोपित मूल्य।

^ धान (ग्रेड ए), ज्वार (मालदंडी) और कपास (लंबे रेशे) के लिए लागत डेटा अलग से संकलित नहीं किया गया है।

विपणन सीजन 2025-26 हेतु खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 की घोषणा के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर तय करने की बात कही गई है। किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर अपेक्षित मार्जिन बाजरा (63 प्रतिशत) के मामले में सबसे अधिक होने का अनुमान है, उसके बाद मक्का (59 प्रतिशत), तुअर (59 प्रतिशत) और उड़द (53 प्रतिशत) का स्थान है। शेष फसलों के लिए, किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर मार्जिन 50 प्रतिशत होने का अनुमान है।

हाल के वर्षों में सरकार अनाज के अतिरिक्त अन्य फसलों जैसे दालों और तिलहन तथा पोषक अनाज/श्री अन्न की खेती को बढ़ावा दे रही है और इसके लिए इन फसलों पर उच्च एमएसपी प्रस्तुत कर रही है।

2014-15 से 2024-25 की अवधि के दौरान धान की खरीद 7608 एलएमटी थी, जबकि 2004-05 से 2013-14 की अवधि के दौरान धान की खरीद 4590 एलएमटी थी।

2014-15 से 2024-25 की अवधि के दौरान 14 खरीफ फसलों की खरीद 7871 एलएमटी थी, जबकि 2004-05 से 2013-14 की अवधि के दौरान खरीद 4679 एलएमटी थी।

2014-15 से 2024-25 की अवधि के दौरान धान उत्पादक किसानों को दी गई एमएसपी राशि 14.16 लाख करोड़ रुपये थी, जबकि 2004-05 से 2013-14 की अवधि के दौरान किसानों को दी गई एमएसपी राशि 4.44 लाख करोड़ रुपये थी।

2014-15 से 2024-25 की अवधि के दौरान 14 खरीफ फसल उत्पादक किसानों को भुगतान की गई एमएसपी राशि 16.35 लाख करोड़ रुपये थी, जबकि 2004-05 से 2013-14 की अवधि के दौरान किसानों को दी गई एमएसपी राशि 4.75 लाख करोड़ रुपये थी।

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