शनिवार, सितंबर 19 2026 | 12:09:44 PM

पुलिस ने आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के 4 सदस्यों को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. अमृतसर पुलिस ने आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन युवकों पर पटवारखाने के पास दीवारों पर राष्ट्रविरोधी नारे लिखने, फायरिंग और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने का आरोप है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने रविवार को एक प्रेस वार्ता में इस कार्रवाई की जानकारी दी।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरविंदर उर्फ हरमन, विशाल, अफरीदी धूत और प्रभ दासूवाल के रूप में हुई है। ये सभी बीकेआई के सक्रिय सदस्य हैं और तरनतारन में हाल की फायरिंग घटनाओं, हत्या के प्रयास और ग्रैफिटी पेंटिंग जैसी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे। जांच में पता चला है कि इनका पुराने क्राइम नेटवर्क से गहरा संबंध है और ये पंजाब में दहशत फैलाने की साजिश रच रहे थे।

पुलिस ने इनके कब्जे से एक 30 बोर पिस्तौल, स्प्रे पेंट और एक बाइक बरामद की है। गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आरोपियों ने एक मेडिकल प्रैक्टिशनर के घर, एक पूर्व सैनिक और एक शैक्षिक संस्थान पर फायरिंग की थी। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने बीकेआई के नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यह कार्रवाई महज संयोग नहीं है, बल्कि खालिस्तान समर्थक गैंगों के खिलाफ हमारा सख्त एक्शन प्लान है। हम पंजाब में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और तरनतारन पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए हर संभावित सुराग की जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद अमृतसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है। भुल्लर ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की और पुलिस के इस कदम को क्षेत्र में शांति बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत साझा करें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।