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गांधी परिवार में गूंजेगी शहनाई: प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा ने अवीवा बेग से की सगाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. कांग्रेस महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा के घर जल्द ही शादी की खुशियां दस्तक देने वाली हैं। उनके बड़े बेटे रेहान वाड्रा ने अपनी लॉन्ग-टाइम गर्लफ्रेंड अवीवा बेग के साथ सगाई कर ली है।

7 साल पुराना है रिश्ता

सूत्रों के मुताबिक, रेहान और अवीवा पिछले 7 सालों से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। दोनों बचपन के दोस्त हैं और एक ही स्कूल (देहरादून के दून स्कूल) में पढ़े हैं। हाल ही में रेहान ने अवीवा को शादी के लिए प्रपोज किया, जिसके बाद दोनों परिवारों की सहमति से एक निजी समारोह में सगाई की रस्में पूरी की गईं।

कौन हैं अवीवा बेग?

अवीवा बेग दिल्ली की रहने वाली हैं और पेशे से एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर हैं।

  • शिक्षा: उन्होंने दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से पढ़ाई की और उसके बाद ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से मीडिया एंड कम्युनिकेशन में डिग्री ली।

  • करियर: वह ‘एटेलियर 11’ (Atelier 11) नामक प्रोडक्शन कंपनी की को-फाउंडर हैं। इसके अलावा, वह राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल खिलाड़ी भी रह चुकी हैं।

  • पारिवारिक संबंध: अवीवा के पिता इमरान बेग एक व्यवसायी हैं और उनकी मां नंदिता बेग इंटीरियर डिजाइनर हैं, जो प्रियंका गांधी की पुरानी मित्र बताई जाती हैं।

कला की दुनिया में सक्रिय हैं रेहान

25 वर्षीय रेहान वाड्रा भी अपनी मां और मामा (राहुल गांधी) की तरह राजनीति के बजाय कला की दुनिया में सक्रिय हैं। वह एक विजुअल आर्टिस्ट और फोटोग्राफर हैं। उनकी फोटोग्राफी की कई प्रदर्शनियां (जैसे ‘डार्क परसेप्शन’) दिल्ली और मुंबई में लग चुकी हैं।

निजी रहा समारोह

सगाई का कार्यक्रम बेहद सादगी भरा और निजी रखा गया, जिसमें केवल परिवार के सदस्य और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल हुए। खबर है कि इस खुशी का जश्न मनाने के लिए पूरा गांधी परिवार राजस्थान के रणथंभौर में एकत्रित हो सकता है। फिलहाल शादी की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि शादी 2026 की शुरुआत में हो सकती है।

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।