बुधवार, जनवरी 28 2026 | 12:27:13 AM
Breaking News
Home / व्यापार / वित्तीय वर्ष के पहले छ: माह में भारत का राजकोषीय घाटा 36.5% तक पहुंचा

वित्तीय वर्ष के पहले छ: माह में भारत का राजकोषीय घाटा 36.5% तक पहुंचा

Follow us on:

मुंबई. वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही के अंत में केंद्र का राजकोषीय घाटा समूचे वित्त वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य का 36.5 प्रतिशत रहा. लेखा महानियंत्रक (सीजीए) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी. पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में फिस्कल डेफिसिट 2024-25 के बजट अनुमान का 29 प्रतिशत था राजकोषीय घाटा सरकार के व्यय और राजस्व के बीच का अंतर होता है. मौजूदा कीमतों पर 2025-26 की अप्रैल-सितंबर अवधि में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा 5,73,123 करोड़ रुपये रहा है.

केंद्र का अनुमान है कि 2025-26 के दौरान राजकोषीय घाटा देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत यानी 15.69 लाख करोड़ रुपये रहेगा. सीजीए के आंकड़ों के मुताबिक, सरकार को सितंबर 2025 तक 16.95 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यु प्राप्त हुआ है. जो 2025-26 के बजट में अनुमानित कुल प्राप्तियों का 49.6 प्रतिशत है. इसमें 12.29 लाख करोड़ रुपये का कर राजस्व 4.6 लाख करोड़ रुपये का गैर-कर राजस्व और 34,770 करोड़ रुपये की गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं. सीजीए के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान केंद्र सरकार ने करों के हस्तांतरण के रूप में राज्य सरकारों को 6.31 लाख करोड़ रुपये से अधिक दिए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 86,948 करोड़ रुपये अधिक है.

सरकार ने खर्च किए करोड़ों

समीक्षाधीन अवधि में केंद्र सरकार ने कुल 23 लाख करोड़ रुपये (बजट अनुमान 2025-26 का 45.5 प्रतिशत) खर्च किए. कुल व्यय में 17.22 लाख करोड़ रुपये राजस्व खाते में और 5.8 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खाते में थे. आंकड़ों के मुताबिक, कुल राजस्व व्यय में 5.78 लाख करोड़ रुपये ब्याज भुगतान और 2.02 लाख करोड़ रुपये सब्सिडी के लिए थे.

रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि पूंजीगत व्यय में 40 प्रतिशत की वृद्धि ने पहली छमाही के दौरान भारत सरकार के राजकोषीय घाटे को 5.7 लाख करोड़ रुपये (बजट अनुमान का लगभग 37 प्रतिशत) तक बढ़ा दिया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 4.7 लाख करोड़ रुपये था. उन्होंने कहा कि फिलहाल, हम उम्मीद करते हैं कि व्यय बचत और बजट अनुमान से अधिक गैर-कर राजस्व प्राप्तियों से कर राजस्व में किसी भी कमी की भरपाई हो जाएगी.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लॉन्च किया ईज़ी: खुदरा ग्राहकों को स्मार्ट और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य

~ इस स्मार्ट, सरल और पर्सनलाइज़्ड प्लेटफॉर्म पर हर तरह की मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग …