नई दिल्ली. केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय ने दर्द निवारक दवाओं (Painkillers) के श्रेणी में आने वाली लोकप्रिय दवा ‘निमेसुलाइड’ (Nimesulide) को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। लंबे समय से विवादों में रही इस दवा की बिक्री और उपयोग पर अब नए प्रतिबंध लगा दिए गए हैं, जिससे दवा बाजार और मरीजों के बीच हलचल तेज हो गई है।
प्रमुख प्रतिबंध और सरकारी आदेश
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने निमेसुलाइड के फॉर्मूलेशन को लेकर निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
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बच्चों के लिए बैन: 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ‘निमेसुलाइड’ के सस्पेंशन और टैबलेट के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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कॉम्बिनेशन दवाओं पर रोक: सरकार ने निमेसुलाइड के साथ अन्य दवाओं के मिश्रण (Fixed Dose Combinations) वाली कई किस्मों की बिक्री पर रोक लगा दी है, जिन्हें स्वास्थ्य के लिए घातक माना गया है।
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प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य: बिना डॉक्टर की पर्ची के (OTC) इस दवा को बेचना अब दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।
क्यों लगाई गई पाबंदी? (कारण)
विशेषज्ञों और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) ने इस दवा के दुष्प्रभावों को लेकर चेतावनी जारी की थी। पाबंदी के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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लिवर को नुकसान: अध्ययनों में पाया गया है कि निमेसुलाइड का सेवन लिवर (Hepatotoxicity) को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचा सकता है।
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किडनी पर बुरा असर: लंबे समय तक या बिना डॉक्टरी सलाह के इसके सेवन से किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
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अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध: अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई विकसित देशों में यह दवा पहले से ही प्रतिबंधित है। भारत में भी लंबे समय से इसे हटाने की मांग की जा रही थी।
बाजार से स्टॉक वापस लेने के निर्देश
औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलर्स को निर्देश दिया है कि वे बाजार में उपलब्ध प्रतिबंधित कॉम्बिनेशन वाली दवाओं की निगरानी करें। दवा विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी गई है कि वे प्रतिबंधित लॉट का स्टॉक तुरंत कंपनियों को वापस करें।
भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने हाल के वर्षों में सुरक्षा और प्रभावशीलता के आधार पर कई फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDCs) दवाओं पर प्रतिबंध लगाया है।
हाल ही में प्रतिबंधित प्रमुख कॉम्बिनेशन (FDCs)
सरकार ने कुल 300 से अधिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लगाया है। इनमें से कुछ सबसे सामान्य नाम ये हैं:
| कॉम्बिनेशन (Salt Names) | आमतौर पर किस लिए उपयोग होती थी |
| Nimesulide + Paracetamol | तेज बुखार और बदन दर्द |
| Amoxicillin + Bromhexine | खांसी और एंटीबायोटिक के रूप में |
| Chlorpheniramine Maleate + Codeine Syrup | सूखी खांसी (कोडीन युक्त कफ सिरप) |
| Paracetamol + Propyphenazone + Caffeine | सिरदर्द (जैसे सरीन/Saridon का पुराना फॉर्मूला) |
| Diclofenac + Paracetamol | सूजन और जोड़ों का दर्द |
| Cetirizine + Phenylephrine + Paracetamol | सर्दी, जुकाम और बुखार |
इन दवाओं पर बैन क्यों लगाया गया?
इन दवाओं को “फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन” (FDC) कहा जाता है, जहाँ एक ही गोली या सिरप में दो या दो से अधिक दवाएं मिला दी जाती हैं। प्रतिबंध के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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सुरक्षा का अभाव: कई कॉम्बिनेशन में मौजूद दवाएं एक-दूसरे के साथ मिलकर शरीर के अंगों (खासकर लिवर और किडनी) पर जहरीला प्रभाव डालती हैं।
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एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस: बिना जरूरत एंटीबायोटिक दवाओं के मिश्रण से शरीर में बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ने की क्षमता खत्म होने लगती है।
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कोई अतिरिक्त लाभ नहीं: विशेषज्ञों की समिति (जैसे कोकाटे समिति) ने पाया कि इन दवाओं को मिलाकर देने से मरीज को कोई अतिरिक्त चिकित्सकीय लाभ नहीं मिल रहा था।
मरीजों के लिए जरूरी सावधानियां
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लेबल चेक करें: दवा खरीदने से पहले उसके पीछे लिखे साल्ट (Salt) का नाम जरूर पढ़ें।
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डॉक्टर की सलाह: बिना डॉक्टरी पर्ची के ‘केमिस्ट’ के कहने पर कोई भी पेनकिलर या कफ सिरप न लें।
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पुराना स्टॉक: अपने घर के ‘फर्स्ट एड बॉक्स’ की जांच करें और एक्सपायरी या प्रतिबंधित दवाओं को हटा दें।
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