नई दिल्ली. उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में बादल छाए हुए हैं। कई इलाकों में बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। मौसम में यह बदलाव जहां प्रदूषण से राहत ला सकता है, वहीं तापमान में गिरावट से ठंड और बढ़ने के आसार हैं।
कानपुर और आसपास के जिलों का ताज़ा हाल
कानपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में सुबह से बादल छाए हुए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार:
- तापमान: न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे ठंड बढ़ेगी।
- बारिश की चेतावनी: कानपुर नगर और देहात में हल्की से मध्यम बारिश के आसार।
- तेज हवाएं: 30–40 किमी/घंटा की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं।
- ओलावृष्टि का खतरा: ग्रामीण इलाकों में छिटपुट ओले गिरने की आशंका, जिससे सरसों और गेहूं जैसी रबी फसलों को नुकसान हो सकता है।
उत्तर भारत के अन्य राज्यों में मौसम की स्थिति
🔹 दिल्ली-NCR
दिल्ली-NCR में हल्की बारिश और बूंदाबांदी देखने को मिल रही है।
- फायदा: वायु गुणवत्ता में अस्थायी सुधार की संभावना।
- चुनौती: बारिश के बाद ठंडी हवाओं से तापमान और गिर सकता है।
🔹 पहाड़ी राज्य
हिमाचल प्रदेश और
उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट जारी है।
- इसका असर मैदानी इलाकों में सर्द हवाओं और शीतलहर के रूप में दिखेगा।
- ऊंचाई वाले मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना।
🔹 पंजाब और हरियाणा
पंजाब और
हरियाणा में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
- किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाने की सलाह।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले 24–48 घंटों तक बना रह सकता है। इसके बाद बादल छंटने लगेंगे, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण ठंड का असर जारी रहेगा। कुछ क्षेत्रों में सुबह-शाम कोहरा भी देखने को मिल सकता है।
जरूरी सावधानियां
- अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर सुबह और रात के समय।
- किसान खेतों में जल निकासी और फसलों को ढकने की व्यवस्था करें।
- मौसम से जुड़ी ताज़ा चेतावनियों के लिए IMD के आधिकारिक अपडेट पर नज़र रखें।
उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। बारिश, तेज हवाएं और बर्फबारी जहां ठंड बढ़ा रही हैं, वहीं प्रदूषण में राहत भी दे रही हैं। ऐसे में सतर्क रहना और मौसम अपडेट्स पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
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