कानपुर। बुधवार, 1 अप्रैल, 2026
उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले कानपुर में जीएसटी विभाग की सचल दल (Mobile Squad) इकाइयों की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापारिक आक्रोश चरम पर है। बुधवार को कानपुर उद्योग व्यापार मंडल (उत्तर) के बैनर तले व्यापारियों ने लखनपुर स्थित जीएसटी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और अधिकारियों का घेराव किया। व्यापारियों का आरोप है कि विभाग के अधिकारी नई व्यवस्थाओं के नाम पर छोटे और मध्यम व्यापारियों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न कर रहे हैं।
कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन, गिनाईं विभाग की कमियां
संगठन के जिला अध्यक्ष सुनील बजाज के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जीएसटी कमिश्नर ग्रेड-2 श्री प्रशांत कुमार एवं श्री विजय राम को ज्ञापन सौंपा। बजाज ने कड़े शब्दों में कहा कि एक ओर देश आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जीएसटी विभाग की सचल दल इकाइयां सड़कों पर व्यापारियों के वाहनों को रोककर ‘वसूली का तंत्र’ विकसित कर रही हैं।
ज्ञापन में उठाए गए मुख्य मुद्दे:
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अनावश्यक जांच: वाहनों को बिना किसी ठोस इनपुट के रोकना और घंटों खड़ा रखना।
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तकनीकी त्रुटियों पर भारी जुर्माना: ई-वे बिल में क्लैरिकल मिस्टेक या छोटी-मोटी त्रुटियों को आधार बनाकर व्यापारियों पर अनुचित दबाव बनाना।
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भ्रष्टाचार का संदेह: कई बार वाहनों को रोकने के बाद बिना किसी आधिकारिक कार्रवाई के छोड़ दिया जाता है, जिससे विभाग की नियत पर सवाल उठ रहे हैं।
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‘नया वित्त वर्ष और वही पुरानी प्रताड़ना’
बैठक को संबोधित करते हुए जिला महामंत्री कृपा शंकर त्रिवेदी ने कहा, “आज 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो रहा है, लेकिन विभाग की पुरानी मानसिकता नहीं बदली। व्यापारी समय पर कर दे रहा है, फिर भी उसे अपराधी की तरह देखा जा रहा है।” कोषाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सचल दल की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ, तो कानपुर के व्यापारी सड़कों पर उतरकर व्यापार बंद करने को मजबूर होंगे।
इन व्यापारियों ने दर्ज कराया विरोध
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से सुरेश गुप्ता, पवन गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, के. बी. सिंह, अजय सिंह, हरि त्रिपाठी, संतोष शर्मा, अंकित मिश्रा, ऋतिक, हिमांशु गुप्ता, गौरव त्रिवेदी, सर्वन गुप्ता, और अतुल सहित सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे।
व्यापारियों की विशेष मांगें और वर्तमान स्थिति
| मांग | वर्तमान समस्या |
| पारदर्शिता | सचल दल की जांच प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाए। |
| स्पष्टीकरण | वाहन रोकने पर अधिकारी लिखित में कारण दें कि गाड़ी क्यों रोकी गई है। |
| ट्रिब्यूनल की मांग | कानपुर में जीएसटी ट्रिब्यूनल बेंच की स्थापना की मांग भी तेज हो गई है। |
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