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अमेरिका ने लौटाई भारत की 657 बहुमूल्य कलाकृतियां: विरासत की बड़ी घर वापसी

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मध्य प्रदेश के मंदिर से चोरी हुई नृत्यरत गणेश की मूर्ति।

नई दिल्ली शुक्रवार, 1 मई 2026

भारत की प्राचीन धरोहरों को वापस लाने के प्रयासों में एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। अमेरिका ने चोरी और तस्करी के जरिए ले जाई गई 657 प्राचीन कलाकृतियों को भारत को सौंप दिया है। इन कलाकृतियों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 133 करोड़ रुपये ($14 Million) आंकी गई है। यह कदम न केवल भारत की सांस्कृतिक संपदा को समृद्ध करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध कला व्यापार के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी है।

तीन चरणों में पूरी हुई वापसी की प्रक्रिया

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन कलाकृतियों की वापसी रातों-रात नहीं हुई, बल्कि यह एक लंबी जांच और कानूनी प्रक्रिया का परिणाम है। इसे मुख्य रूप से तीन चरणों में वापस किया गया:

  1. नवंबर 2024: प्रथम चरण में 612 कलाकृतियां सौंपी गईं।

  2. जुलाई 2025: दूसरे चरण में 26 और वस्तुएं वापस आईं।

  3. अप्रैल 2026: अंतिम चरण में 19 सबसे महत्वपूर्ण प्रतिमाएं भारत को आधिकारिक रूप से दी गईं।

तस्करी का काला खेल: सुभाष कपूर और नैन्सी वीनर गिरोह

इन कलाकृतियों के अमेरिका पहुंचने के पीछे एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी सिंडिकेट का हाथ था। जांच में मुख्य रूप से दो नाम सामने आए:

  • सुभाष कपूर: न्यूयॉर्क स्थित ‘आर्ट ऑफ द पास्ट’ गैलरी का मालिक, जिसे 2022 में भारत में सजा सुनाई गई थी।

  • नैन्सी वीनर: एक कुख्यात तस्कर जिसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इन मूर्तियों को बड़े संग्रहालयों और निजी संग्रहकर्ताओं को बेचा।

गिरोह की कार्यप्रणाली:

यह गिरोह स्थानीय चोरों की मदद से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर भारत के मंदिरों से मूर्तियों की चोरी करवाता था। इसके बाद इन्हें फर्जी ‘ओनरशिप रिकॉर्ड’ (Provenance) के साथ समुद्री रास्ते से अमेरिका भेजा जाता था।

प्रमुख बरामद कलाकृतियां (मुख्य आकर्षण)

इन 657 वस्तुओं में कुछ ऐसी प्रतिमाएं हैं जो ऐतिहासिक और कलात्मक दृष्टि से अमूल्य हैं:

कलाकृति का नाम क्षेत्र/उद्गम विवरण
अवलोकितेश्वर की कांस्य प्रतिमा छत्तीसगढ़ (सिरपुर) 8वीं शताब्दी की, जिसकी कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है।
नृत्य करते गणेश मध्य प्रदेश 2000 में मंदिर से लूटी गई बलुआ पत्थर की प्रतिमा।
अभय मुद्रा में बुद्ध उत्तर भारत लाल बलुआ पत्थर से निर्मित, सुरक्षा और निर्भयता का प्रतीक।

कोहिनूर पर फिर छिड़ी बहस: किंग चार्ल्स और जोहरान ममदानी

जहाँ एक तरफ अमेरिका कलाकृतियां लौटा रहा है, वहीं दूसरी तरफ ब्रिटेन में मौजूद कोहिनूर हीरे की वापसी की मांग ने फिर जोर पकड़ लिया है। किंग चार्ल्स तृतीय की हालिया न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान, न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने स्पष्ट कहा कि अगर उन्हें अवसर मिला, तो वह सीधे किंग चार्ल्स से कोहिनूर को भारत लौटाने की मांग करेंगे।

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