गुरुवार, अगस्त 13 2026 | 01:57:06 PM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / अमेरिका ने लौटाई भारत की 657 बहुमूल्य कलाकृतियां: विरासत की बड़ी घर वापसी

अमेरिका ने लौटाई भारत की 657 बहुमूल्य कलाकृतियां: विरासत की बड़ी घर वापसी

Follow us on:

मध्य प्रदेश के मंदिर से चोरी हुई नृत्यरत गणेश की मूर्ति।

नई दिल्ली शुक्रवार, 1 मई 2026

भारत की प्राचीन धरोहरों को वापस लाने के प्रयासों में एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। अमेरिका ने चोरी और तस्करी के जरिए ले जाई गई 657 प्राचीन कलाकृतियों को भारत को सौंप दिया है। इन कलाकृतियों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 133 करोड़ रुपये ($14 Million) आंकी गई है। यह कदम न केवल भारत की सांस्कृतिक संपदा को समृद्ध करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध कला व्यापार के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी है।

तीन चरणों में पूरी हुई वापसी की प्रक्रिया

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन कलाकृतियों की वापसी रातों-रात नहीं हुई, बल्कि यह एक लंबी जांच और कानूनी प्रक्रिया का परिणाम है। इसे मुख्य रूप से तीन चरणों में वापस किया गया:

  1. नवंबर 2024: प्रथम चरण में 612 कलाकृतियां सौंपी गईं।

  2. जुलाई 2025: दूसरे चरण में 26 और वस्तुएं वापस आईं।

  3. अप्रैल 2026: अंतिम चरण में 19 सबसे महत्वपूर्ण प्रतिमाएं भारत को आधिकारिक रूप से दी गईं।

तस्करी का काला खेल: सुभाष कपूर और नैन्सी वीनर गिरोह

इन कलाकृतियों के अमेरिका पहुंचने के पीछे एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी सिंडिकेट का हाथ था। जांच में मुख्य रूप से दो नाम सामने आए:

  • सुभाष कपूर: न्यूयॉर्क स्थित ‘आर्ट ऑफ द पास्ट’ गैलरी का मालिक, जिसे 2022 में भारत में सजा सुनाई गई थी।

  • नैन्सी वीनर: एक कुख्यात तस्कर जिसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इन मूर्तियों को बड़े संग्रहालयों और निजी संग्रहकर्ताओं को बेचा।

गिरोह की कार्यप्रणाली:

यह गिरोह स्थानीय चोरों की मदद से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर भारत के मंदिरों से मूर्तियों की चोरी करवाता था। इसके बाद इन्हें फर्जी ‘ओनरशिप रिकॉर्ड’ (Provenance) के साथ समुद्री रास्ते से अमेरिका भेजा जाता था।

प्रमुख बरामद कलाकृतियां (मुख्य आकर्षण)

इन 657 वस्तुओं में कुछ ऐसी प्रतिमाएं हैं जो ऐतिहासिक और कलात्मक दृष्टि से अमूल्य हैं:

कलाकृति का नाम क्षेत्र/उद्गम विवरण
अवलोकितेश्वर की कांस्य प्रतिमा छत्तीसगढ़ (सिरपुर) 8वीं शताब्दी की, जिसकी कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है।
नृत्य करते गणेश मध्य प्रदेश 2000 में मंदिर से लूटी गई बलुआ पत्थर की प्रतिमा।
अभय मुद्रा में बुद्ध उत्तर भारत लाल बलुआ पत्थर से निर्मित, सुरक्षा और निर्भयता का प्रतीक।

कोहिनूर पर फिर छिड़ी बहस: किंग चार्ल्स और जोहरान ममदानी

जहाँ एक तरफ अमेरिका कलाकृतियां लौटा रहा है, वहीं दूसरी तरफ ब्रिटेन में मौजूद कोहिनूर हीरे की वापसी की मांग ने फिर जोर पकड़ लिया है। किंग चार्ल्स तृतीय की हालिया न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान, न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने स्पष्ट कहा कि अगर उन्हें अवसर मिला, तो वह सीधे किंग चार्ल्स से कोहिनूर को भारत लौटाने की मांग करेंगे।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

एक मेडिकल छात्रा की क्लोज़-अप तस्वीर, जो हाथ में NEET-PG प्रवेश पत्र और पेन पकड़े हुए है। पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट की इमारत और एक सांकेतिक नक्शा धुंधला (blurred) दिखाई दे रहा है, जिस पर 'डोमिसाइल' (Domicile) और 'राज्य कोटा' (State Quota) के टेक्स्ट ओवरले हैं।

NEET-PG State Quota Counselling 2026: Domicile, MBBS राज्य और आरक्षण नियमों का पूरा सच

नई दिल्ली । बुधवार, 12 अगस्त 2026 NEET-PG 2026 की परीक्षा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित …