मुंबई | मंगलवार, 1 सितंबर 2026
शेयर बाजार के जाने-माने निवेशक आशीष धवन (Ashish Dhawan) ने वित्तीय सेवाएं देने वाली प्रमुख कंपनी रिलीगेयर इंटरप्राइजेज (Religare Enterprises Ltd) में अपनी पैठ और मजबूत कर ली है। अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में की गई लगातार आक्रामक खरीदारी के बाद कंपनी में उनकी कुल वोटिंग हिस्सेदारी बढ़कर 7.41% के स्तर पर पहुंच गई है। भारतीय शेयर बाजार में किसी बड़े दिग्गज निवेशक द्वारा इतने बड़े पैमाने पर की गई ब्लॉक डील और ओपन मार्केट खरीदारी को कंपनी के पुनरुद्धार (Turnaround) के लिए एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।
28 और 31 अगस्त को हुए ब्लॉक सौदों का पूरा ब्योरा
आशीष धवन ने दो चरणों में रिलीगेयर इंटरप्राइजेज के शेयरों में भारी निवेश किया है। एक्सचेंज को दी गई जानकारी और उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन दोनों सौदों की कुल लागत लगभग ₹85.33 करोड़ रही।
-
31 अगस्त 2026 की खरीदारी: सोमवार को आशीष धवन ने खुले बाजार से कंपनी के 36,00,238 शेयर खरीदे।
-
28 अगस्त 2026 की खरीदारी: इससे ठीक पहले शुक्रवार को उन्होंने लगभग 38,00,000 शेयर अपने पोर्टफोलियो में जोड़े थे।
-
कुल शेरों की संख्या: दोनों दिनों के सौदों को मिलाकर उन्होंने कुल 74,00,238 शेयर (लगभग 74 लाख शेयर) हासिल किए।
-
औसत मूल्य (Average Price): यह पूरी खरीदारी औसतन ₹237 प्रति शेयर के भाव पर की गई है।
इस बड़े सौदे के बाद रिलीगेयर इंटरप्राइजेज में आशीष धवन की वोटिंग हिस्सेदारी 6.35% से बढ़कर 7.41% हो गई है। यदि इसमें कंपनी के वारंट (Warrants) को भी शामिल कर लिया जाए, तो उनकी कुल डाइल्यूटेड हिस्सेदारी (Diluted Holding) लगभग 7.28% बैठती है।
क्यों बढ़ रही है रिलीगेयर में निवेशकों की दिलचस्पी?
रिलीगेयर इंटरप्राइजेज बीते कुछ समय से अपनी समूह कंपनियों के पुनर्गठन और कर्ज से उबरने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आशीष धवन की इस लगातार खरीदारी के पीछे मुख्य कारण हैं:
-
हेल्थ इंश्योरेंस बिजनेस का उभार: रिलीगेयर की मुख्य सहायक कंपनी Care Health Insurance भारतीय स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में तेजी से वृद्धि कर रही है।
-
कर्ज मुक्ति और बेहतर गवर्नेंस: कंपनी प्रबंधन ने अपने पुराने विवादों को सुलझाने और बैलेंस शीट को मजबूत करने के ठोस कदम उठाए हैं।
-
वैल्यूएशन में तेजी की संभावना: ₹237 के औसत मूल्य पर इतनी बड़ी खरीदारी यह दर्शाती है कि दिग्गज निवेशकों को मौजूदा भाव पर शेयर का वैल्यूएशन काफी आकर्षक लग रहा है।
खुदरा (Retail) निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
आशीष धवन जैसे दिग्गज निवेशक की एंट्री से रिलीगेयर के शेयर में अल्पकालिक तेजी (Bullish Momentum) देखने को मिली है। हालांकि, खुदरा निवेशकों को इसमें निवेश करने से पहले कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
एक्सपर्ट टिप: केवल किसी बड़े निवेशक द्वारा शेयर खरीदने के आधार पर तुरंत खरीदारी नहीं करनी चाहिए। बड़े निवेशकों का निवेश का नजरिया दीर्घकालिक (5-10 साल) होता है और उनकी जोखिम सहन करने की क्षमता आम निवेशकों से अलग होती है।
निवेशकों को कंपनी के आगामी तिमाही नतीजों, एनबीएफसी (NBFC) कारोबार की ग्रोथ और नियामकीय घटनाक्रमों (Regulatory Developments) पर अपनी नजर बनाए रखनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. आशीष धवन की रिलीगेयर इंटरप्राइजेज में अब कुल कितनी हिस्सेदारी है?
31 अगस्त 2026 की खरीदारी के बाद रिलीगेयर में आशीष धवन की वोटिंग हिस्सेदारी बढ़कर 7.41% हो गई है (डाइल्यूटेड आधार पर लगभग 7.28%)।
2. आशीष धवन ने ये शेयर किस भाव पर खरीदे हैं?
उन्होंने 28 और 31 अगस्त 2026 को मिलाकर कुल 74,00,238 शेयर औसतन ₹237 प्रति शेयर के भाव पर खरीदे हैं।
3. इस कुल खरीदारी की कीमत कितनी है?
इस पूरे लेन-देन का कुल मूल्य लगभग ₹85.33 करोड़ रहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
Matribhumisamachar


