लखनऊ. आधुनिक समाज में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और वैचारिक बदलाव की एक मिसाल पेश करते हुए, पेशे से इंजीनियर असद खान ने इस्लाम त्याग कर सनातन धर्म (हिंदू धर्म) अपनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह फैसला उन्होंने बिना किसी दबाव के, अपनी स्वेच्छा और गहन अध्ययन के बाद लिया है।
प्राचीन संस्कृति और दर्शन से प्रभावित
असद खान, जो एक प्रतिष्ठित संस्थान से इंजीनियरिंग की डिग्री धारक हैं, ने बताया कि वे लंबे समय से भारतीय दर्शन और वेदों का अध्ययन कर रहे थे। उन्होंने कहा, “मुझे सनातन धर्म की समावेशी प्रकृति और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के विचार ने गहराई से प्रभावित किया। यह मेरा व्यक्तिगत निर्णय है और मैं अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहता हूँ।”
विधि-विधान से संपन्न हुआ शुद्धिकरण
असद खान ने मंदिर में आयोजित एक औपचारिक अनुष्ठान के माध्यम से हिंदू धर्म में प्रवेश किया। इस दौरान उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन किया और नया नाम धारण करने की प्रक्रिया पूरी की। उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों ने उनके इस साहसिक कदम का स्वागत किया है।
सामाजिक प्रतिक्रिया और संदेश
इस बदलाव पर असद ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ हर व्यक्ति को अपनी पसंद का धर्म चुनने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी आध्यात्मिक शांति की तलाश करना है और वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।
“धर्म मन की शांति और आत्मा की खोज का विषय है। मैंने वही चुना है जहाँ मुझे मानसिक तृप्ति मिली।” — असद खान
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