गुरुवार, अप्रैल 02 2026 | 07:16:42 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के बीच ईरान का बड़ा हमला: बहरीन में अमेजन का डेटा सेंटर बना निशाना, 18 अमेरिकी कंपनियां रडार पर

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के बीच ईरान का बड़ा हमला: बहरीन में अमेजन का डेटा सेंटर बना निशाना, 18 अमेरिकी कंपनियां रडार पर

Follow us on:

डिजिटल डेस्क | मनामा (बहरीन) | गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ ले चुका है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने अपनी धमकी को हकीकत में बदलते हुए बुधवार रात बहरीन में स्थित अमेरिकी दिग्गज टेक कंपनी अमेजन (Amazon) के क्लाउड कंप्यूटिंग डेटा सेंटर पर हमला कर दिया। ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले के बाद AWS (Amazon Web Services) परिसर में भीषण आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए स्थानीय फायर ब्रिगेड को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।

बहरीन सरकार ने की पुष्टि

इससे पहले बहरीन के गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया था कि एक औद्योगिक कंपनी की इमारत में आग लगी है। हालांकि शुरुआत में कंपनी का नाम गुप्त रखा गया था, लेकिन नवीनतम रिपोर्टों ने स्पष्ट कर दिया है कि निशाना अमेजन का डेटा सेंटर ही था। मंत्रालय ने इसे “ईरानी आक्रामकता” करार दिया है।

क्यों हुआ हमला? 18 कंपनियां हैं निशाने पर

यह हमला ईरान द्वारा दी गई उस चेतावनी के ठीक 24 घंटे के भीतर हुआ है, जिसमें उसने मध्य पूर्व में सक्रिय 18 अमेरिकी कंपनियों को नष्ट करने की बात कही थी। ईरान का आरोप है कि ये टेक कंपनियां और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित संस्थाएं ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली खुफिया ऑपरेशनों में मदद कर रही हैं।

ईरान की ‘हिट लिस्ट’ में शामिल मुख्य कंपनियां:

  1. अमेजन (AWS)

  2. गूगल (Google)

  3. माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft)

  4. एपल (Apple)

  5. मेटा (Meta)

  6. टेस्ला (Tesla)

  7. बोइंग (Boeing)

वैश्विक सेवाओं पर संकट का साया

अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) दुनिया का सबसे बड़ा क्लाउड प्लेटफॉर्म है। बहरीन स्थित इस डेटा सेंटर के प्रभावित होने से न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय डिजिटल सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

  • बैंकिंग सेवाएं: कई क्षेत्रीय बैंकों के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन धीमे हो गए हैं।

  • एयरलाइन बुकिंग: फ्लाइट रिजर्वेशन सिस्टम में तकनीकी खामियां दर्ज की गई हैं।

  • डेटा सुरक्षा: साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि फिजिकल हमले के साथ-साथ बड़े स्तर पर साइबर हमले (Cyber Warfare) की भी आशंका है।

भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका की प्रतिक्रिया

28 फरवरी, 2026 से शुरू हुए इस ताजा संघर्ष में यह पहली बार है जब किसी टेक कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर को इतनी प्रत्यक्ष रूप से निशाना बनाया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे “आर्थिक आतंकवाद” की श्रेणी में रखा है।

विशेषज्ञों की राय: “ईरान अब केवल सैन्य ठिकानों को ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली टेक कंपनियों को निशाना बना रहा है। यह युद्ध के एक नए ‘डिजिटल फ्रंट’ की शुरुआत है।”

सावधानी: खाड़ी देशों (Bahrain, UAE, Saudi Arabia) में रह रहे नागरिकों को सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।

मुख्य बातें:

  • ईरान ने बहरीन स्थित अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) के डेटा सेंटर पर ड्रोन और मिसाइल हमला किया।

  • हमले के बाद केंद्र में भीषण आग लगी; बैंकिंग और एयरलाइन सेवाएं प्रभावित होने की खबर।

  • रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल और मेटा सहित 18 अमेरिकी कंपनियों को दी है तबाही की धमकी।

  • बहरीन के गृह मंत्रालय ने ‘ईरानी आक्रामकता’ के रूप में हमले की पुष्टि की।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

अदाणी ग्रीन एनर्जी का नया रिकॉर्ड, साल भर में पूरा किया 5 गीगावॉट का लक्ष्य

अहमदाबाद, 1 अप्रैल, 2026: भारत की सबसे बड़ी प्योर-प्ले रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी, अदाणी ग्रीन एनर्जी …