श्री विजया पुरम. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह वर्तमान में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। शनिवार, 3 जनवरी 2026 को अपने दौरे के दूसरे दिन उन्होंने द्वीप समूह के विकास के लिए 373 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह क्षेत्र अगले एक दशक में भारत की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा योगदानकर्ता बनकर उभरेगा।
प्रमुख विकास परियोजनाओं का लोकार्पण
गृह मंत्री ने नेताजी स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान कुल 11 परियोजनाओं (9 का उद्घाटन और 2 का शिलान्यास) की शुरुआत की। इनमें शामिल प्रमुख कार्य हैं:
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एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (ICCC): सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए ₹229 करोड़ की लागत से तैयार केंद्र।
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स्वास्थ्य सेवा: 155 बिस्तरों वाले अस्पताल के पहले चरण और 50 बिस्तरों वाले आईसीयू (ICU) का उद्घाटन।
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बुनियादी ढांचा: ग्रेट निकोबार में ‘जीरो पॉइंट’ से ‘ईस्ट वेस्ट रोड’ तक सड़क परियोजना और उपभोक्ता आयोग भवन।
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तकनीक: साइबर अपराध से निपटने के लिए एक आधुनिक डीएनए और साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला।
राष्ट्रीय सुरक्षा और ‘संसदीय परामर्श समिति’ की बैठक
दिन की शुरुआत में, अमित शाह ने वांडूर में गृह मंत्रालय की संसदीय परामर्श समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे जैसे रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने साइबर अपराध से निपटने के लिए ‘समन्वय, संचार और क्षमता निर्माण’ की बहुआयामी रणनीति पर जोर दिया।
“गुलामी की प्रतीकों से मुक्ति और विकास का संगम”
श्री विजया पुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) में जनता को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा:
“कभी यह द्वीप समूह देश के खजाने पर बोझ माना जाता था, लेकिन आज यह भारत की स्वतंत्रता, संप्रभुता और समुद्री शक्ति का केंद्र बन गया है। मोदी जी ने इसे गुलामी के प्रतीकों से मुक्त करने के लिए पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर ‘श्री विजया पुरम’ किया।”
उन्होंने सेलुलर जेल में वीर सावरकर के बलिदान को याद करते हुए इसे हर भारतीय के लिए एक “तीर्थस्थल” बताया। साथ ही, उन्होंने आईटीएफ ग्राउंड में ‘नवीन न्याय संहिता’ (नए आपराधिक कानूनों) पर आधारित एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।
अमित शाह के भाषण के मुख्य बिंदु (Main Highlights of the Speech):
अमित शाह ने अपने संबोधन में मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया: इतिहास, विकास और भविष्य की रणनीति।
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स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि: उन्होंने कहा कि अंडमान की धरती सावरकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बलिदान की साक्षी है। उन्होंने जोर दिया कि केंद्र सरकार इस द्वीप समूह को “काला पानी” की नकारात्मक पहचान से मुक्त कर “विजय और स्वाभिमान” का प्रतीक बना रही है।
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नाम परिवर्तन का महत्व: उन्होंने पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर ‘श्री विजया पुरम’ करने के फैसले को ‘गुलामी की मानसिकता से मुक्ति’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि “विजया” शब्द चोल साम्राज्य की जीत और भारत के गौरवशाली समुद्री इतिहास को दर्शाता है।
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अर्थव्यवस्था का केंद्र: शाह ने भविष्य का खाका खींचते हुए कहा कि अगले 10 वर्षों में पर्यटन, मत्स्य पालन और ‘ब्लू इकोनॉमी’ (नीली अर्थव्यवस्था) के माध्यम से यह द्वीप समूह भारत के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में से एक होगा।
प्रमुख परियोजनाओं का विस्तृत विवरण:
एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (ICCC):
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लागत: ₹229 करोड़।
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कार्य: यह केंद्र पोर्ट ब्लेयर की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा चेतावनी प्रणाली के लिए “मस्तिष्क” के रूप में कार्य करेगा। यहाँ से पूरे शहर की सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन सेवाओं का समन्वय होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार:
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GB पंत अस्पताल का विस्तार: 155 बिस्तरों वाले नए वार्ड और 50 बिस्तरों वाले आधुनिक आईसीयू (ICU) का उद्घाटन किया गया ताकि स्थानीय निवासियों को इलाज के लिए चेन्नई या कोलकाता न भागना पड़े।
रक्षा और बुनियादी ढांचा:
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ग्रेट निकोबार सड़क परियोजना: ₹83 करोड़ की लागत से ‘जीरो पॉइंट’ से ‘ईस्ट वेस्ट रोड’ का निर्माण शुरू किया गया है। यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के सबसे दक्षिणी बिंदु ‘इंदिरा पॉइंट’ तक पहुंच को आसान बनाएगा।
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डिजिटल इंडिया: अंडमान में 4G सेवाओं के विस्तार और सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा हुई ताकि द्वीपों के बीच हाई-स्पीड इंटरनेट सुनिश्चित हो सके।
कानून और सुरक्षा:
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DNA और साइबर फॉरेंसिक लैब: गृह मंत्री ने एक आधुनिक लैब का उद्घाटन किया जो जघन्य अपराधों और साइबर फ्रॉड की जांच में तेजी लाएगी।
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नए आपराधिक कानून: उन्होंने ‘भारतीय न्याय संहिता’ के कार्यान्वयन का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्याय प्रणाली को त्वरित और पारदर्शी बनाया जाए।
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