लोड हो रहा है...

राउरकेला में इंडिया वन एयर का विमान क्रैश: पायलट की सूझबूझ से बची 6 जानें, खाली मैदान में की बेली लैंडिंग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

भुवनेश्वर. ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में शनिवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया। राउरकेला से भुवनेश्वर जा रहा इंडिया वन एयर (IndiaOne Air) का एक 9-सीटर सेसना-208 (Cessna 208) विमान तकनीकी खराबी के कारण क्रैश हो गया। हालांकि, पायलट की त्वरित सूझबूझ और सूझबूझ भरी लैंडिंग के कारण विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं।

प्रमुख घटनाक्रम और स्थान

यह विमान राउरकेला हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटना का शिकार हो गया। अधिकारियों के अनुसार, विमान राउरकेला से लगभग 10-15 किलोमीटर दूर जलदा (Jalda) क्षेत्र के पास एक खाली मैदान में जा गिरा। विमान अपनी निर्धारित उड़ान पर भुवनेश्वर की ओर जा रहा था, तभी इसमें खराबी आ गई।

पायलट की सूझबूझ ने टाला बड़ा हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के मुताबिक, उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद विमान में तकनीकी खराबी महसूस की गई। पायलट ने घनी आबादी वाले क्षेत्र से बचते हुए विमान को एक खुले मैदान की ओर मोड़ दिया और वहां ‘बेली लैंडिंग’ (Belly Landing) की। इस आपातकालीन लैंडिंग की वजह से विमान के जमीन से टकराने का प्रभाव कम हो गया, जिससे एक भीषण विस्फोट या बड़ा हादसा होने से बच गया।

घायलों की स्थिति

हादसे के समय विमान में कुल 6 लोग सवार थे, जिनमें 4 यात्री और 2 चालक दल (क्रू) के सदस्य शामिल थे।

  • सभी 6 लोग घायल हुए हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी की जान नहीं गई।

  • घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर राउरकेला के सरकारी अस्पताल (RGH) और जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

  • डॉक्टरों के अनुसार, घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

जांच के आदेश

ओडिशा के परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को इस तकनीकी खराबी और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच के लिए सूचित कर दिया गया है।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।