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बंगाल में ED का महा-एक्शन: 12 ठिकानों पर छापेमारी, झारखंड तक फैला है अवैध कोयला तस्करी का जाल

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कोलकता. पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन और अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता, आसनसोल और दुर्गापुर समेत 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई से कोयला कारोबार, पुलिस तंत्र और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

ED की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरा अवैध नेटवर्क केवल बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मजबूत झारखंड कनेक्शन है, जिसे एजेंसी अब केस की सबसे अहम कड़ी मान रही है।

🔍 बंगाल में कहाँ-कहाँ हुई ED की रेड?

ED की कई टीमों ने मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे से एक साथ कार्रवाई शुरू की। प्रमुख स्थानों में शामिल हैं:

▶ आसनसोल और दुर्गापुर

  • अवैध कोयला व्यापार से जुड़े कारोबारियों के आवास और कार्यालय
  • कुछ पुलिस अधिकारियों से जुड़े ठिकानों पर भी दबिश
  • बुदबुद थाना प्रभारी (OC) मनोरंजन मंडल के आवास पर छापेमारी
  • डिजिटल डिवाइसेज़, दस्तावेज़ और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं

▶ कोलकाता और दिल्ली

  • मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े बैंक अकाउंट्स, शेल कंपनियों और निवेशों की जांच
  • हवाला और रियल एस्टेट निवेश से जुड़े सुरागों पर फोकस

▶ जांच के घेरे में ये प्रमुख नाम

  • प्रबीर दत्ता (KK मिनरल्स)
  • शेख अख्तर
  • किरण खान
  • मिर्जा हेशामुद्दीन बेग

सूत्रों के मुताबिक, इन लोगों से जुड़े कई लेन-देन सीधे अवैध कोयला कारोबार से जुड़े पाए गए हैं।

🔗 झारखंड कनेक्शन कैसे आया सामने? (The Jharkhand Link)

ED की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह सिंडिकेट एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क के तौर पर काम कर रहा था।

1️⃣ झारखंड से अवैध खनन, बंगाल में खपत

  • कोयला मुख्य रूप से धनबाद और दुमका बेल्ट से अवैध रूप से निकाला गया
  • फर्जी परमिट और Forged Documents के आधार पर
    कोयला पश्चिम बंगाल की फैक्ट्रियों और मंडियों तक पहुँचाया गया

2️⃣ एक ही सिंडिकेट, एक ही कंट्रोल सिस्टम

  • नवंबर 2025 में झारखंड और बंगाल में एक साथ 44 ठिकानों पर ED की छापेमारी हुई थी
  • जब्त दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि
    झारखंड के कोयला माफिया और बंगाल के बिचौलिए
    एक ही “कंट्रोल रूम” से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे

3️⃣ मनी ट्रेल और शेल कंपनियाँ

  • अवैध खनन से हुई कमाई को Proceeds of Crime के रूप में
    झारखंड स्थित शेल कंपनियों में निवेश किया गया
  • पिछली कार्रवाई में करोड़ों रुपये नकद, सोना और लग्ज़री संपत्तियों के दस्तावेज़ बरामद
  • इन पैसों के तार दोनों राज्यों के प्रभावशाली लोगों से जुड़े पाए गए

🚨 ED को क्या मिले अहम सुराग?

  • कई फर्जी ट्रांसपोर्ट रसीदें और ई-वे बिल
  • कोयला सप्लाई से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड
  • रियल एस्टेट और माइनिंग से जुड़े संदिग्ध निवेश
  • कुछ बैंक खातों में अचानक हुए भारी लेन-देन

⏭️ आगे क्या?

ED सूत्रों के अनुसार:

  • पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज हो सकती है
  • मामले में PMLA के तहत चार्जशीट की तैयारी
  • आने वाले दिनों में झारखंड और बंगाल में और छापेमारी संभव

पश्चिम बंगाल में ED की यह कार्रवाई केवल एक छापेमारी नहीं, बल्कि झारखंड-बंगाल अवैध कोयला सिंडिकेट को तोड़ने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक अभियान माना जा रहा है।

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