मुंबई. महानगर की राजनीति में आज उस समय एक नया इतिहास रचा गया, जब शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे करीब दो दशकों के मतभेदों को पीछे छोड़कर एक मंच पर नजर आए। आगामी बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों के मद्देनजर, दोनों भाइयों ने संयुक्त रूप से अपना चुनावी घोषणापत्र यानी ‘वचन-नामा’ जारी किया।
प्रमुख घोषणाएँ और वादे
संयुक्त ‘वचन-नामा’ में मुंबईकरों के लिए कई बड़े वादे किए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से स्थानीय मुद्दों और ‘मराठी मानुष’ के हितों पर जोर दिया गया है:
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स्थानीय रोजगार: मुंबई की निजी और सरकारी नौकरियों में भूमिपुत्रों को प्राथमिकता देने का कड़ा कानून।
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टैक्स में राहत: 500 वर्ग फुट तक के घरों के लिए संपत्ति कर (Property Tax) की पूरी माफी को बरकरार रखना।
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बुनियादी ढांचा: सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए नई तकनीक का उपयोग और तटीय सड़क (Coastal Road) परियोजना का विस्तार।
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स्वास्थ्य सेवा: ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे’ क्लीनिकों की संख्या बढ़ाना और नगर निगम के अस्पतालों का आधुनिकीकरण।
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शिक्षा: BMC स्कूलों में डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास केंद्रों की स्थापना।
20 साल का इंतजार खत्म
गौरतलब है कि साल 2005-06 में राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़कर अपनी अलग पार्टी (मनसे) बनाई थी, जिसके बाद से दोनों गुटों के बीच तीखी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है। आज की इस एकजुटता ने न केवल कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है, बल्कि विपक्षी दलों के समीकरणों को भी हिला कर रख दिया है।
नेताओं का बयान
इस मौके पर राज ठाकरे ने कहा, “यह गठबंधन केवल राजनीति के लिए नहीं, बल्कि मुंबई के अस्तित्व को बचाने के लिए है।” वहीं, उद्धव ठाकरे ने भावुक होते हुए कहा, “कुछ ताकतें मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश रच रही हैं, उन्हें रोकने के लिए ‘ठाकरे’ ब्रांड का एक साथ आना जरूरी था।”
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