शनिवार, सितंबर 19 2026 | 09:45:39 PM

राज्यसभा चुनाव 2026: 10 राज्यों की 37 सीटों पर रण, 16 मार्च को होगा मतदान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने बुधवार को 10 राज्यों की रिक्त हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया है। इन सीटों पर 16 मार्च 2026 को मतदान और उसी शाम मतगणना संपन्न होगी।

चुनावी कार्यक्रम का पूरा विवरण

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन की प्रक्रिया फरवरी के अंत से शुरू होगी:

  • अधिसूचना (Notification): 26 फरवरी 2026

  • नामांकन की अंतिम तिथि: 5 मार्च 2026

  • नामांकन पत्रों की जांच: 6 मार्च 2026

  • नाम वापसी की अंतिम तिथि: 9 मार्च 2026

  • मतदान और परिणाम: 16 मार्च 2026 (सुबह 9:00 से शाम 4:00 बजे तक मतदान)

राज्यवार सीटों का गणित

इस चुनाव में महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। सीटों का वितरण इस प्रकार है:

राज्य सीटें राज्य सीटें
महाराष्ट्र 07 ओडिशा 04
तमिलनाडु 06 असम 03
पश्चिम बंगाल 05 छत्तीसगढ़ 02
बिहार 05 हरियाणा 02
तेलंगाना 02 हिमाचल प्रदेश 01

दिग्गज नेताओं की साख दांव पर

अप्रैल 2026 में रिटायर हो रहे सांसदों की सूची में भारतीय राजनीति के कई बड़े नाम शामिल हैं। इन चुनावों के परिणामों से सदन में विपक्ष और सत्तापक्ष के संख्या बल पर सीधा असर पड़ेगा। प्रमुख रिटायर होने वाले चेहरों में शामिल हैं:

  • शरद पवार (NCP-SP)

  • अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस)

  • प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना-UBT)

  • साकेत गोखले (TMC)

  • हरिवंश नारायण सिंह (JDU – राज्यसभा उपसभापति)

  • कनिमोझी (DMK)

क्या होगा असर?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NDA को महाराष्ट्र, बिहार और ओडिशा में अपनी मजबूत स्थिति का लाभ मिल सकता है, जिससे ऊपरी सदन में उनकी ताकत और बढ़ेगी। दूसरी ओर, INDIA गठबंधन के लिए तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अपनी सीटें बचाए रखना और तेलंगाना में बढ़त बनाना प्राथमिकता होगी। हिमाचल प्रदेश की इकलौती सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है, जहाँ सत्ताधारी कांग्रेस को अपनी एकजुटता साबित करनी होगी।

निर्वाचन आयोग का विशेष निर्देश: आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के लिए केवल निर्वाचन अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए विशेष बैंगनी स्केच पेन का ही उपयोग मान्य होगा। किसी अन्य पेन का उपयोग करने पर मत को अमान्य घोषित कर दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव की ताजा खबरें और विश्लेषण – Matribhumi Samachar

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।