मुंबई. भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो कारोबारी सत्रों से जारी ‘सुनामी रैली’ ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगने वाला आयात शुल्क 50% से घटाकर 18% किए जाने के फैसले ने बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। इस फैसले के बाद एक्सपोर्ट आधारित सेक्टर्स में तेज खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार रिकॉर्ड ऊंचाइयों के करीब पहुंच गया।
📈 बाजार का ताज़ा हाल (Current Market Status)
- Sensex: सेंसेक्स आज 84,000 के स्तर के करीब मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। बीते दिन इसमें 2,073 अंकों की ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई थी, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी एकदिनी छलांग मानी जा रही है।
- Nifty: निफ्टी 25,700 के ऊपर टिक गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते निफ्टी जल्द ही 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को छू सकता है।
- बाजार पूंजीकरण: इस जबरदस्त रैली के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹12.10 लाख करोड़ का इजाफा कर चुका है।
🚀 इन सेक्टर्स में आई असली ‘सुनामी’ (Top Performing Sectors)
अमेरिका के साथ ट्रेड डील का सबसे अधिक फायदा उन कंपनियों को मिला है, जिनका निर्यात अमेरिका में ज्यादा है:
- IT सेक्टर: TCS, Infosys और Tech Mahindra में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कमजोर डॉलर के बावजूद नए ऑर्डर और मार्जिन सुधार की उम्मीद से शेयरों में तेजी रही।
- फार्मा सेक्टर: Sun Pharma और Dr Reddy’s के शेयरों में 5–7% तक की बढ़त दर्ज की गई, क्योंकि अमेरिकी बाजार में दवाओं के निर्यात पर टैरिफ बोझ कम होगा।
- टेक्सटाइल और ऑटो: टैरिफ घटने से निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद में इन सेक्टर्स में भी जोरदार तेजी रही।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर/पोर्ट्स: Adani Ports मंगलवार को करीब 9% चढ़कर दिन का सबसे बड़ा गेनर रहा।
💰 बड़ी खबर: ITC और गिलेट इंडिया के निवेशकों के लिए खास मौका
आज यानी 4 फरवरी को दो बड़ी कंपनियों के अंतरिम लाभांश (Dividend) की रिकॉर्ड डेट है:
- ITC – ₹6.50 प्रति शेयर
- Gillette India – ₹180 प्रति शेयर
रिकॉर्ड डेट तक जिन निवेशकों के पास ये शेयर मौजूद हैं, वे इस डिविडेंड के पात्र होंगे।
🌍 विशेषज्ञों की राय: FIIs की वापसी से बाजार को मिलेगा और दम
बाजार जानकारों का कहना है कि बजट 2026 में विकासोन्मुखी घोषणाओं और अब अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बाद FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) दोबारा भारतीय बाजार की ओर रुख कर रहे हैं।
जनवरी में करीब ₹36,000 करोड़ की भारी बिकवाली के बाद अब विदेशी फंड्स की वापसी से बाजार में लिक्विडिटी और भरोसा दोनों बढ़ा है।
🔍 आगे क्या? (Market Outlook)
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं तो आने वाले दिनों में बाजार में कंसोलिडेशन के बाद नई तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशकों को IT, फार्मा और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड मजबूत कंपनियों पर फोकस बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
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