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उपचुनाव परिणाम 2026: बीजेपी का चार सीटों पर कब्जा, बारामती में सुनेत्रा पवार ने रचा इतिहास

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली । सोमवार, 4 मई 2026

आज देश के 5 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के परिणामों ने कई राजनीतिक समीकरणों को बदल दिया है। जहाँ महाराष्ट्र की बारामती सीट पर ‘पवार बनाम अन्य’ की लड़ाई में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना, वहीं कर्नाटक, गुजरात, त्रिपुरा और नागालैंड में भी जनता ने अपना स्पष्ट फैसला सुनाया है।

प्रमुख विजेताओं की सूची और विश्लेषण

राज्य विधानसभा सीट विजेता उम्मीदवार पार्टी मुख्य विवरण
महाराष्ट्र बारामती सुनेत्रा पवार NCP (अजित पवार) 2.18 लाख+ वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत।
महाराष्ट्र राहुरी अक्षय कार्डिले BJP अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को भारी मतों से हराया।
गुजरात उमरेठ हर्षदभाई परमार BJP 30,743 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
त्रिपुरा धर्मनगर जहर चक्रवर्ती BJP CPI(M) के उम्मीदवार को 18,290 वोटों से मात दी।
नागालैंड कोरिडांग दाओचियर आई. इमचेन BJP 3,123 वोटों के अंतर से कड़े मुकाबले में जीत।
कर्नाटक बागलकोट उमेश हुल्लप्पा मेटी कांग्रेस 22,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की।
कर्नाटक दावणगेरे साउथ समर्थ मल्लिकार्जुन कांग्रेस दिवंगत दादा की विरासत को आगे बढ़ाते हुए जीत दर्ज की।

मुख्य तथ्य 

  1. बारामती का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: बारामती सीट पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार की जीत अब तक की सबसे बड़ी जीत में से एक मानी जा रही है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 2 लाख से अधिक वोटों से हराया है। यह उपचुनाव अजित पवार के असामयिक निधन के कारण हुआ था।

  2. भाजपा का दबदबा: भाजपा ने उत्तर-पूर्व (त्रिपुरा और नागालैंड) और गुजरात में अपना किला मजबूत रखा है। महाराष्ट्र की राहुरी सीट पर भी पार्टी ने सहानुभूति और विकास के नाम पर बड़ी जीत हासिल की।

  3. कर्नाटक में कांग्रेस का परचम: कर्नाटक की दोनों सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल कर राज्य सरकार की लोकप्रियता को साबित किया है।

नोट: कुछ शुरुआती रुझानों में निर्दलीय उम्मीदवारों की बढ़त बताई गई थी, लेकिन अंतिम परिणामों में मुख्य पार्टियों (भाजपा, कांग्रेस और NCP) ने ही बाजी मारी है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।