रांची। Jharkhand में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के विरोध में अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार (4 अगस्त) को 11वें दिन भी जारी रहा। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों छात्र लगातार डटे हुए हैं और अब इस आंदोलन ने एक बड़े जनांदोलन का रूप ले लिया है।
अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो
आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। स्टेडियम परिसर में लगातार अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ रही है, जहां छात्र दिन-रात धरना दे रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा कराई जा रही सीआईडी (CID) जांच महज एक औपचारिकता है और जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, सत्याग्रह जारी रहेगा।
6 और 7 अगस्त को ‘विधानसभा घेराव’ का ऐलान
आंदोलन को और व्यापक रूप देते हुए छात्र संगठनों ने मानसून सत्र के दौरान 6 और 7 अगस्त को दो दिवसीय झारखंड विधानसभा घेराव का बड़ा ऐलान किया है। रणनीति के तहत 6 अगस्त को ‘रांची चलो’ आह्वान के साथ राज्य भर से अभ्यर्थियों का जुटना शुरू होगा, जिसके बाद 7 अगस्त को वृहद स्तर पर विधानसभा कूच और घेराव प्रदर्शन किया जाएगा। इस अल्टीमेटम के बाद राज्य खुफिया एजेंसी (स्पेशल ब्रांच) और रांची पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए हैं तथा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
छात्रों की मुख्य मांगें:
14वीं JPSC पीटी परीक्षा की रद्दगी: 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए।
CBI और ED से जांच: JPSC और JSSC द्वारा पिछले सात वर्षों में आयोजित सभी विवादास्पद परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसियों (CBI व ED) से कराई जाए।
ब्लैकलिस्टेड एजेंसियों पर कार्रवाई: दागी और ब्लैकलिस्टेड परीक्षा संचालन एजेंसियों (जैसे TDPL) के साथ अनुबंध समाप्त कर उन पर कठोर कार्रवाई हो।
OMR शीट और कट-ऑफ का सार्वजनिक खुलासा: मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं, अभ्यर्थियों की OMR शीट और श्रेणीवार कट-ऑफ अंक सार्वजनिक किए जाएं।
भर्ती प्रणाली में पारदर्शी सुधार: भविष्य की परीक्षाओं के लिए OMR शीट में उत्तर न देने की स्थिति में ‘5वां विकल्प’ जोड़ने सहित व्यापक संरचनात्मक सुधार किए जाएं।
राजनीतिक हलचल और सरकार का रुख
छात्र आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान मिल रहा है। राज्य के प्रमुख विपक्षी दलों, नागरिक समाज के संगठनों और विभिन्न छात्र निकायों (ABVP, AISA, ACS) ने इस आंदोलन को खुला समर्थन दिया है।
दूसरी ओर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर आंदोलनकारियों से संवाद स्थापित करने और असंतोष को शांत करने के प्रयासों में जुटी है, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र जब तक सीबीआई जांच और परीक्षा रद्द करने के लिखित आदेश नहीं मिल जाते, पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
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