रांची | झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का आंदोलन एक अहम मोड़ पर पहुँच गया है। कई दिनों से निर्जला अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरणविद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत के बाद अपना ‘जल त्याग’ समाप्त कर दिया है।
हालांकि, देवेंद्र महतो ने साफ कर दिया है कि उनका सत्याग्रह और अन्न का त्याग तब तक जारी रहेगा, जब तक राज्य सरकार छात्रों की न्यायसंगत मांगों को पूरा नहीं कर देती।
सोनम वांगचुक ने की पानी पीने की अपील
मंगलवार को सोनम वांगचुक और देवेंद्र नाथ महतो के बीच करीब 10 मिनट तक वीडियो कॉल पर बातचीत हुई। वांगचुक ने छात्र नेता के तेजी से गिरते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की।
“गांधीवादी रास्ते पर चलना सही है, लेकिन बिना पानी के आंदोलन जारी रखना जीवन के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। लोकतंत्र में लड़ाई लंबी होती है, इसलिए स्वास्थ्य को ठीक रखते हुए पानी और नींबू-नमक ग्रहण करें और संघर्ष जारी रखें।” — सोनम वांगचुक, एक्टिविस्ट
वांगचुक की इस अपील के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने छात्रों और समर्थकों की मौजूदगी में पानी पीकर अपना निर्जला अनशन तोड़ा। देवेंद्र महतो ने सोनम वांगचुक को रांची आकर झारखंड के युवाओं का मार्गदर्शन करने का निमंत्रण भी दिया, जिस पर वांगचुक ने आंदोलन को हर संभव समर्थन देने का भरोसा जताया।
“जल त्याग खत्म, लड़ाई जारी”: देवेंद्र नाथ महतो
जल ग्रहण करने के बाद मीडिया से बात करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार यह न समझे कि आंदोलन खत्म हो गया है।
उन्होंने कहा, “हमने केवल ‘जल त्याग’ वापस लिया है। हमारा अन्न त्याग और अनशन लगातार जारी रहेगा। जब तक सरकार हमारी मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई नहीं करती, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
छात्रों की प्रमुख माँगें:
JPSC परीक्षा रद्द हो: 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं के चलते इसे तुरंत रद्द किया जाए।
CBI और ED जाँच: JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों की स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसियों (CBI और ED) से जांच कराई जाए।
ब्लैकलिस्टेड एजेंसियों पर कार्रवाई: भर्ती प्रक्रिया कराने वाली विवादित एजेंसियों (जैसे TDPL) की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया: भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नए कड़े नियम लागू किए जाएं।
राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में राज्यभर से आए सैकड़ों अभ्यर्थी लगातार डटे हुए हैं और सरकार से पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग कर रहे हैं।
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