
मुंबई, मार्च 2026: लंबे शूटिंग घंटे और पैक्ड शेड्यूल एक्टर की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा होते हैं। लेकिन, कैमरे की रोशनी और स्क्रिप्ट से परे, कई कलाकारों को सबसे ज़्यादा सुकून एक बेहद साधारण चीज़ से मिलता है वह चीज़ है कुकिंग। किसी के लिए यह रिलैक्स करने का तरीका है, तो किसी के लिए क्रिएटिव आउटलेट। और कुछ कलाकारों के लिए किचन धीरे-धीरे उनकी फेवरेट जगह बन गई है, जहाँ वे खुद को अनवाइंड करते हैं। सोनी सब के कलाकार अक्षया हिंदालकर, ऋषि सक्सेना और अविनेश रेखी स्क्रीन पर किरदारों को ज़िंदा करते हैं, लेकिन ऑफ-स्क्रीन वे फ्लेवर के साथ एक्सपेरिमेंट करना, फैमिली रेसिपी दोबारा बनाना और ऐसे व्यंजन पकाना पसंद करते हैं, जो उनकी पर्सनैलिटी को दर्शाता है।
अक्षया हिंदालकर, जो पुष्पा इम्पॉसिबल में राशी का किरदार निभा रही हैं, बताती हैं, “मैंने कुकिंग कभी प्रोफेशनली नहीं सीखी। जो भी आता है, वह ट्रायल और एरर से सीखा है, कभी वीडियो देखकर, तो कभी खुद ट्राय करके। अब जब भी टाइम मिलता है, खासकर ऑफ-डे पर, मैं कुछ नया बनाने की कोशिश करती हूँ। मैं प्रोफेशनल नहीं हूँ, लेकिन मुझे यह प्रोसेस बहुत अच्छी लगती है। अपने हाथों से कुछ बनाना और उसे तैयार होते देखना बहुत अच्छा फील देता है।”
ऋषि सक्सेना, जो इत्ती सी खुशी में संजय का किरदार निभा रहे हैं, कहते हैं, “मैं रोज़ कुकिंग नहीं कर पाता हूँ, क्योंकि शेड्यूल काफी टाइट होता है। लेकिन, जब भी टाइम मिलता है, मुझे सच में किचन में जाना अच्छा लगता है। मुझे चीज़ें सिंपल रखना पसंद है और बेसिक्स सही करना अच्छा लगता है। चाहे कुछ बहुत एलाबोरेट न भी बना रहा हूँ, लेकिन धीरे-धीरे खाना तैयार करना और उसमें पूरी तरह शामिल होना अच्छा लगता है। कभी पूरा खाना बनाता हूँ, कभी बस हेल्प करता हूँ। बिना जल्दीबाज़ी के खाना बनाना बहुत पर्सनल लगता है।”
अविनेश रेखी, जो गणेश कार्तिकेय में भगवान शिव का किरदार निभा रहे हैं, बताते हैं, “मेरे लिए कुकिंग हमेशा फैमिली एक्टिविटी होती है। जब भी मौका मिलता है, हम इसे घर पर मज़ेदार बना देते हैं। बच्चे तय करते हैं कि क्या बनाना है और फिर सब मिलकर किचन में जाते हैं। मुझे हमेशा एक डायरेक्टर चाहिए होता है और यह रोल मेरी पत्नी बहुत सीरियसली निभाती हैं। वे गाइड करती हैं और हम सब इंस्ट्रक्शन फॉलो करते हैं। ये पल खाने से ज़्यादा साथ बिताने के होते हैं। एक चीज़ जो मैं पूरे कॉन्फिडेंस से बनाता हूँ, वह है कढ़ा प्रसाद। इसे मैं खास मौकों पर, जैसे गुरुपुरब पर बनाता हूँ और पूरे दिल से इसका आनंद लेता हूँ।”
कंफर्ट फूड से लेकर खूबसूरती से सजाए गए फेवरेट्स तक, कुकिंग अब सिर्फ एक रूटीन ही नहीं रही। यह एक ऐसी जगह बन गई है, जहाँ हर कोई धीरे-धीरे काम करता है, अपने हाथों से कुछ तैयार करता है और अपनी व्यस्त ज़िंदगी में बैलेंस ढूँढता है।
देखिए इत्ती सी खुशी, गणेश कार्तिकेय और पुष्पा इम्पॉसिबल, सिर्फ सोनी सब पर।
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