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चुनाव ड्यूटी पर निकले CRPF जवानों ने अयोध्या में टेका मत्था, रामलला का आशीर्वाद लेकर बंगाल-असम के लिए रवाना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

अयोध्या | रविवार, 5 अप्रैल 2026

देश के पूर्वी राज्यों, असम और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों (Assembly Elections 2026) के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों का मूवमेंट तेज हो गया है। इसी क्रम में रविवार को अयोध्या की सड़कों पर उस समय एक भव्य दृश्य देखने को मिला, जब चुनाव ड्यूटी के लिए जा रहे CRPF जवानों का एक बड़ा काफिला रामनगरी में रुका। जवानों ने अपनी यात्रा के बीच समय निकालकर नवनिर्मित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के दर्शन किए और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने की प्रार्थना की।

भक्ति और कर्तव्य का अनूठा संगम

रविवार सुबह जब सुरक्षाबलों की गाड़ियों की लंबी कतारें अयोध्या की सड़कों से गुजरीं, तो स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों में भारी कौतूहल देखा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये जवान पश्चिम बंगाल और असम की ओर कूच कर रहे हैं, जहां चुनाव आयोग ने भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।

मंदिर परिसर में दर्शन के दौरान जवानों के चेहरों पर कर्तव्य के साथ-साथ अटूट श्रद्धा के भाव भी नजर आए। हालांकि, सुरक्षा कारणों और प्रोटोकॉल की वजह से जवानों की दर्शन करते हुए आधिकारिक तस्वीरें साझा नहीं की गई हैं, लेकिन काफिले की मौजूदगी पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी रही।

चुनावी रणभेरी: 2026 का शेड्यूल

गौरतलब है कि भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पश्चिम बंगाल और असम में सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय बलों की सैकड़ों कंपनियां तैनात की जा रही हैं।

राज्य मतदान की तिथि (Phase-1) प्रमुख कार्य
असम 9 अप्रैल, 2026 126 सीटों पर मतदान
पश्चिम बंगाल 23 अप्रैल, 2026 संवेदशनशील क्षेत्रों में तैनाती

अयोध्या में सुरक्षा और विकास का नया दौर

जवानों का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब अयोध्या में भी सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद है। हाल ही में 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे और ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना के बाद से अयोध्या में वीआईपी मूवमेंट्स और श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, मंदिर निर्माण समिति के अनुसार, अप्रैल 2026 में ही ‘रामकथा संग्रहालय’ को भी आम जनता के लिए खोलने की तैयारी चल रही है।

जवानों के लिए क्यों खास है अयोध्या?

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी ड्यूटी और कठिन चुनावी परिवेश में जाने से पहले इस तरह के आध्यात्मिक ठहराव जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और मनोबल (Morale) को बढ़ाने में सहायक होते हैं। एक जवान ने अनौपचारिक बातचीत में कहा, “रामलला का आशीर्वाद लेकर हम देश सेवा के अपने संकल्प को और मजबूती से पूरा करेंगे।”

हाइलाइट्स:

  • असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती शुरू।

  • चुनाव ड्यूटी पर जा रहे CRPF जवानों के काफिले ने अयोध्या में रुककर किए रामलला के दर्शन।

  • पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और असम में 9 अप्रैल को होना है मतदान।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।