रामपुर। सोमवार, 6 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। थाना सैफनी क्षेत्र में गोकशी के मामले में वांछित चल रहे एक शातिर आरोपी और पुलिस के बीच रविवार-सोमवार की मध्य रात्रि को भीषण मुठभेड़ हो गई। इस रामपुर पुलिस मुठभेड़ में आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। घायल बदमाश को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने पकड़े गए अपराधी के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और गोकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। इस मामले में संलिप्त दो अन्य स्थानीय आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
आधी रात को चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़
थाना प्रभारी पंकज पंत ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह मुठभेड़ रविवार-सोमवार की मध्य रात्रि लगभग 12:30 बजे हुई। सैफनी थाना पुलिस बड़ागांव से मियागंज चौराहे के पास मुस्तैदी के साथ गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बड़ागांव की तरफ से आ रहे एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को पुलिस टीम ने रुकने का इशारा किया।
पुलिस को देखकर मोटरसाइकिल सवार ने रुकने के बजाय बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और मियागंज कच्चे रास्ते की तरफ भागने लगा। तेज रफ्तार होने के कारण कुछ ही दूरी पर उसकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई और वह गिर पड़ा। खुद को पुलिस से घिरता देख आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय अपने पास मौजूद अवैध तमंचे से पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से सीधी फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली
बदमाश द्वारा की गई फायरिंग के जवाब में पुलिस टीम ने भी सूझबूझ दिखाते हुए आत्मरक्षार्थ (Self-defense) नियंत्रित फायरिंग की। पुलिस की ओर से चलाई गई गोली सीधे बदमाश के दाहिने पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए उसे मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसकी पहचान फरीस पुत्र रईस के रूप में हुई।
1 जुलाई को दर्ज हुआ था गोकशी का मामला
नवीनतम जानकारी के अनुसार, बीते 1 जुलाई 2026 को सैफनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सड़क किनारे एक गोवंशीय पशु के अवशेष मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था। इस पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ गोकशी का मुकदमा दर्ज किया था।
इस संवेदनशील मामले की विवेचना निरीक्षक अपराध गंगासरन को सौंपी गई थी। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर तीन आरोपियों के नाम प्रकाश में आए थे। इसमें मुख्य आरोपी फरीस, जो कि ग्राम ताहरपुर, थाना मैनाठेर (जनपद मुरादाबाद) का निवासी है, और उसके दो स्थानीय मददगार शब्बू व सलीम (निवासी बड़ागांव, सैफनी) शामिल थे।
आवारा पशुओं को बनाते थे निशाना
गिरफ्तारी के बाद शुरुआती पूछताछ में आरोपी फरीस ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी शब्बू और सलीम के साथ मिलकर बड़ागांव के जंगल में घूम रहे एक बेसहारा/आवारा गोवंशीय पशु को निशाना बनाया था और उसका वध किया था।
आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि वध करने के बाद जब वे मांस को ठिकाने लगाने के लिए मोटरसाइकिल पर ले जा रहे थे, तभी हड़बड़ाहट और जल्दबाजी के कारण कुछ अवशेष रास्ते में ही सड़क किनारे गिर गए। पकड़े जाने के डर से वे अवशेषों को वहीं छोड़कर भाग गए थे, जिन्हें बाद में वे नदी में फेंकने की फिराक में थे।
अवैध हथियार और मोटरसाइकिल बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल और आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
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अवैध असलहा: एक 315 बोर का अवैध देसी तमंचा।
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कारतूस: एक खोखा कारतूस (जो पुलिस पर फायर किया गया) और एक जिंदा कारतूस।
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वाहन: घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की संदिग्ध मोटरसाइकिल।
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गोकशी के उपकरण: एक तेज धारदार छुरी, लकड़ी का भारी गुटका और दो मजबूत रस्सियां।
पुलिस की अगली कार्रवाई और फरार आरोपियों की तलाश
थाना प्रभारी पंकज पंत के मुताबिक, इस पुलिस मुठभेड़ और अवैध शस्त्र की बरामदगी के आधार पर आरोपी फरीस के खिलाफ संबंधित सुसंगत धाराओं में एक और नया आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घायल आरोपी का अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा में इलाज चल रहा है, जिसके ठीक होने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
वहीं, इस वारदात में शामिल सैफनी के बड़ागांव निवासी अन्य नामजद आरोपी शब्बू और सलीम फिलहाल फरार हैं। रामपुर पुलिस की कई टीमें उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, और पुलिस का दावा है कि उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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