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कोलकाता: एयरपोर्ट पर कारतूस मिलने के मामले में TMC पार्षद अमीरुल शेख गिरफ्तार, रसूख भी नहीं बचा पाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता | गुरुवार, 7 मई 2026  

कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक बड़ी खबर सामने आई है। बजबज विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 के पार्षद अमीरुल शेख इस्लाम को पुलिस ने मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी पिछले साल सितंबर में उनके पास से अवैध रूप से बरामद हुए कारतूस और मैगजीन के मामले में की गई है।

क्या था पूरा मामला?

घटना 21 सितंबर, 2025 की है, जब पार्षद अमीरुल शेख इंडिगो की उड़ान से यात्रा करने के लिए कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे थे। सुरक्षा जांच के दौरान सीआईएसएफ (CISF) के अधिकारियों को उनके बैग से निम्नलिखित संदिग्ध सामग्री मिली थी:

  • 7.65 एमएम के छह जीवित कारतूस

  • एक खाली मैगजीन

रसूख का इस्तेमाल और समय की मोहलत

सीआईएसएफ के सब-इंस्पेक्टर गोपाल शा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, उस समय पार्षद ने दावा किया था कि उनके पास हथियारों का वैध लाइसेंस है। उनके रसूख और जनप्रतिनिधि होने के नाते, पुलिस ने उन्हें आवश्यक दस्तावेज पेश करने के लिए सात दिन का समय दिया था।

हालांकि, सात दिन बीत जाने के बाद भी अमीरुल शेख कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत करने में विफल रहे। आरोप है कि वह लंबे समय तक अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर गिरफ्तारी से बचते रहे।

सत्ता परिवर्तन और पुलिस की कार्रवाई

रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में हुए बदलावों के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई। पार्षद को मंगलवार रात उनके आवास के पास से हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि बिना लाइसेंस के गोला-बारूद रखना एक गंभीर अपराध है और कानून के तहत उचित कार्रवाई की जा रही है।

आरोपी की पृष्ठभूमि

अमीरुल शेख इस्लाम बजबज क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। स्थानीय राजनीति में उनकी पकड़ काफी मजबूत रही है, लेकिन एयरपोर्ट सुरक्षा जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उनकी यह दलील काम नहीं आई।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।