नई दिल्ली. अमेरिका में उच्च शिक्षा का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ी खबर है। भारत में स्थित अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों को आगाह किया है कि वे अमेरिकी कानूनों और वीजा शर्तों का सख्ती से पालन करें। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वीजा कोई ‘अधिकार’ नहीं, बल्कि एक ‘विशेषाधिकार’ (Privilege) है, जिसे नियमों के उल्लंघन पर किसी भी समय वापस लिया जा सकता है।
दूतावास की मुख्य चेतावनियाँ:
वीजा रद्द होना: किसी भी प्रकार के कानूनी उल्लंघन या गिरफ्तारी की स्थिति में छात्र का वीजा तुरंत रद्द किया जा सकता है।
देश निकाला (Deportation): नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों को अमेरिका से जबरन वापस भेजा जा सकता है।
भविष्य के लिए प्रतिबंध: एक बार वीजा रद्द होने या डिपोर्ट होने के बाद, संबंधित छात्र भविष्य में कभी भी अमेरिकी वीजा पाने के लिए अयोग्य हो सकता है।
गिरफ्तारी के गंभीर नतीजे: दूतावास ने स्पष्ट कहा कि यदि आप किसी भी कारण से गिरफ्तार होते हैं, तो इसका सीधा और स्थायी असर आपके शैक्षणिक और पेशेवर करियर पर पड़ेगा।
ट्रंप प्रशासन के सख्त रुख के बीच आई चेतावनी
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इमिग्रेशन और छात्र वीजा नियमों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में वीजा अखंडता शुल्क (Visa Integrity Fee) और अनिवार्य सोशल मीडिया स्क्रीनिंग जैसे नए नियम लागू किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में नियमों की अनदेखी के कारण लगभग 6,000 विदेशी छात्रों के वीजा रद्द किए गए, जिनमें भारतीयों की संख्या भी काफी थी।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह:
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अपनी पढ़ाई और कक्षाओं में नियमित रहें।
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बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के अनधिकृत रोजगार (Unauthorized work) से बचें।
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स्थानीय और संघीय कानूनों का पालन करें।
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अपनी शैक्षणिक स्थिति (Academic Status) से जुड़ी जानकारी समय-समय पर अपडेट रखें।
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