जयपुर. राजस्थान में बच्चों के निवाले पर डाका डालने वाले एक बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने प्रदेश के मिड-डे मील कार्यक्रम में हुए करीब 2,000 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसीबी ने विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों सहित कुल 21 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।
घोटाले का मुख्य स्वरूप
जांच में सामने आया है कि यह भ्रष्टाचार पिछले कई वर्षों से सुनियोजित तरीके से चल रहा था। घोटाले के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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फर्जी बिलिंग: कागजों में बच्चों की संख्या ज्यादा दिखाकर राशन और दूध की फर्जी बिलिंग की गई।
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घटिया सामग्री की आपूर्ति: बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में तय मानकों की अनदेखी कर बेहद घटिया क्वालिटी का सामान सप्लाई किया गया।
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कमीशन का खेल: ठेकेदारों और विभाग के अधिकारियों के बीच मिलीभगत से भुगतान के बदले भारी कमीशन का लेनदेन हुआ।
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अस्तित्वहीन फर्में: कई ऐसी फर्मों को भुगतान किया गया जो धरातल पर मौजूद ही नहीं थीं।
एसीबी की कार्रवाई
एसीबी के उच्चाधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से मिल रही शिकायतों और गुप्त जांच के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है। दर्ज एफआईआर में शिक्षा विभाग के कुछ तत्कालीन उच्च अधिकारी, मिड-डे मील के जिला समन्वयक और रसद आपूर्ति करने वाले कई बड़े ठेकेदार शामिल हैं।
“यह केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों बच्चों के स्वास्थ्य और उनके हक के साथ खिलवाड़ है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” — एसीबी आधिकारिक सूत्र
आगे की राह
एसीबी की कई टीमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं और घोटाले की राशि का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। इस खुलासे के बाद प्रदेश की सियासत में भी उबाल आने की संभावना है।
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