मुंबई. भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन ‘ब्लैक थर्सडे’ साबित हुआ। वैश्विक संकेतों और विशेषकर अमेरिका की नई व्यापारिक नीतियों के डर ने निवेशकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों में 1% के करीब की भारी गिरावट दर्ज की गई।
बाजार का लेखा-जोखा
कारोबारी सत्र के अंत में, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 780.18 अंक फिसलकर 84,180.96 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 263.90 अंक की गिरावट के साथ 25,876.85 के स्तर पर आ गया। बाजार की इस गिरावट ने एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये की सेंध लगा दी।
गिरावट की बड़ी वजह: रूसी तेल और अमेरिकी टैरिफ
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित घोषणा है। खबरों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन उन देशों पर 500% तक का भारी टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है जो रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेंगे। भारत की रूसी तेल पर निर्भरता को देखते हुए निवेशकों को डर है कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापारिक संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सेक्टोरल अपडेट: मेटल और आईटी में हाहाकार
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मेटल सेक्टर: टैरिफ की खबरों का सबसे बुरा असर मेटल शेयरों पर पड़ा। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3% से अधिक टूट गया।
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आईटी सेक्टर: अमेरिका से आने वाली नकारात्मक खबरों के कारण टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसे बड़े शेयरों में 3% तक की गिरावट रही।
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मिडकॅप और स्मॉलकैप: बड़े शेयरों के साथ-साथ छोटे और मध्यम दर्जे के शेयरों में भी जबरदस्त बिकवाली देखी गई।
आज के प्रमुख खिलाड़ी
बाजार में मंदी के बावजूद जोमैटो (Eternal) और डिक्सन टेक जैसे कुछ चुनिंदा शेयरों ने बढ़त बनाकर निवेशकों को थोड़ी राहत दी। दूसरी ओर, BHEL और हिंदुस्तान जिंक आज के सबसे बड़े लूजर्स (गिरावट वाले शेयर) रहे, जिनमें 6% से 8% तक की गिरावट देखी गई।
आगे क्या?
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अमेरिका की टैरिफ नीतियों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी घरेलू बाजार के सेंटिमेंट को कमजोर किया है।
ठीक है, कल (9 जनवरी, 2026) के कारोबारी सत्र के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी के महत्वपूर्ण स्तरों (Support & Resistance) का तकनीकी विश्लेषण यहाँ दिया गया है:
कल के लिए बाजार का आउटलुक: तकनीकी विश्लेषण
निफ्टी 50 (Nifty 50) के स्तर:
निफ्टी फिलहाल अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के नीचे फिसल गया है।
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इमीडिएट रेजिस्टेंस (ऊपरी स्तर): 26,100। जब तक निफ्टी इसके ऊपर नहीं टिकता, नई खरीदारी से बचना चाहिए। इसके बाद 26,250 बड़ा रेजिस्टेंस होगा।
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क्रुशियल सपोर्ट (निचला स्तर): 25,750। यदि बाजार इसके नीचे जाता है, तो गिरावट 25,500 के स्तर तक बढ़ सकती है।
बैंक निफ्टी (Bank Nifty) के स्तर:
बैंक निफ्टी ने आज तुलनात्मक रूप से थोड़ी मजबूती दिखाने की कोशिश की लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया।
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रेजिस्टेंस: 53,800 और 54,200।
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सपोर्ट: 53,100। अगर यह स्तर टूटता है, तो बैंक निफ्टी 52,600 के स्तर को छू सकता है।
कल के लिए ट्रेडिंग रणनीति (Strategy):
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‘सेल ऑन राइज’ (उछाल पर बिकवाली): चूंकि वैश्विक संकेत (ट्रंप टैरिफ की खबरें) नकारात्मक हैं, इसलिए किसी भी छोटे उछाल पर मुनाफावसूली या शॉर्ट सेलिंग का मौका देखा जा सकता है।
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आईटी और मेटल पर नजर: आज इन सेक्टर्स में भारी गिरावट रही। कल यदि ये अपने निचले स्तरों (Support) को तोड़ते हैं, तो कमजोरी और बढ़ सकती है।
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स्टॉप लॉस का महत्व: बाजार में अस्थिरता (Volatility) बहुत अधिक है, इसलिए बिना ‘स्टॉप लॉस’ के कोई भी ट्रेड न लें।
कल के लिए प्रमुख ट्रिगर्स (जिन पर नजर रखनी है):
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अमेरिकी बाजार की क्लोजिंग: आज रात अमेरिकी बाजार टैरिफ की खबरों पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं, इसका असर कल सुबह हमारे बाजार पर दिखेगा।
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डॉलर इंडेक्स और कच्चा तेल: टैरिफ के डर से कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय बाजार को प्रभावित करेगा।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
Matribhumisamachar


