कोलकाता | शुक्रवार, 8 मई 2026
कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पर्यवेक्षक के रूप में इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि शुभेंदु के नाम के लिए कुल 8 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।
अमित शाह ने बंगाल की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह जीत उस आतंक और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनादेश है जिसने दशकों से बंगाल को जकड़ रखा था। बंगाल की जनता ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।”
‘जायंट किलर’ की ऐतिहासिक जीत
शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में वह कर दिखाया जो अब तक नामुमकिन माना जा रहा था। उन्होंने न केवल अपनी पारंपरिक सीट नंदीग्राम को सुरक्षित रखा, बल्कि ममता बनर्जी के राजनीतिक गढ़ भवानीपुर में भी उन्हें 15,000 से अधिक वोटों से मात दी।
अधिकारी की जीत के प्रमुख कारक:
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हार्डकोर फायरब्रांड छवि: उनकी स्पष्टवादिता और आक्रामक तेवर।
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संगठनात्मक कौशल: राज्य भर में कार्यकर्ताओं का मजबूत जाल।
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जमीनी जुड़ाव: पूर्व मेदिनीपुर से लेकर कोलकाता तक जनता के बीच उनकी सीधी पैठ।
एक सीट छोड़ने का फैसला
चूंकि शुभेंदु अधिकारी ने दो सीटों (नंदीग्राम और भवानीपुर) से जीत दर्ज की है, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे 10 दिनों के भीतर एक सीट से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा, “पार्टी तय करेगी कि मैं किस सीट पर बना रहूंगा, लेकिन मैं दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध हूं।”
शपथ ग्रहण समारोह और अपील
शुभेंदु अधिकारी शनिवार, 9 मई 2026 को सुबह 11 बजे राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री मनोनीत होने के बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे जीत के जोश में कोई विजय जुलूस न निकालें और राज्य में शांति बनाए रखें।
महत्वपूर्ण तथ्य
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चुनाव परिणाम स्थिति: बीजेपी ने 294 सीटों वाली विधानसभा में 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई है।
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ममता बनर्जी की स्थिति: भवानीपुर में हार के बाद ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका पर चर्चा तेज है।
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