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पीओके में बढ़ा तनाव: विरोध प्रदर्शनों के बीच 26 लोगों की मौत, पाक सेना का हेलीकॉप्टर भी हुआ दुर्घटनाग्रस्त

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मुजफ्फराबाद । बुधवार, 10 जून 2026

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तानी सेना और संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के समर्थकों के बीच बढ़ते टकराव के बीच कई इलाकों में बाजार और दुकानें बंद रहीं। इस बीच, मीडिया रिपोर्टों और कथित खुफिया दस्तावेजों में दावा किया गया है कि हालिया हिंसा में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं।

तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना का एक MI-17 हेलीकॉप्टर मुजफ्फराबाद के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, हेलीकॉप्टर में सवार सभी सैन्यकर्मियों की मौत हो गई। हालांकि दुर्घटना के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण गिरा या किसी अन्य वजह से हादसा हुआ।

विरोध प्रदर्शनों के कारण बंद रहे बाजार

जेएएसी द्वारा पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और मार्च के आह्वान के बाद पीओके के कई शहरों में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। मुजफ्फराबाद, मीरपुर और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में बाजार बंद रहे तथा सड़कों पर यातायात बेहद कम दिखाई दिया।

रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 2,000 प्रदर्शनकारियों ने भीमबर से मार्च शुरू किया और मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने कई स्थानों पर उन्हें रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। पुलिस और अर्धसैनिक बल लगातार गश्त करते रहे।

हिंसा को लेकर गंभीर आरोप

मीडिया में चर्चित एक कथित खुफिया डोजियर में दावा किया गया है कि 5 जून से 9 जून के बीच पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा व्यवस्थित कार्रवाई की गई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आर्थिक सुधारों और सस्ती बिजली-आटे की मांग को लेकर आंदोलन कर रही संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी को निशाना बनाया गया।

डोजियर में यह भी दावा किया गया है कि इस दौरान मारे गए लोगों में 19 बच्चे और 7 गर्भवती महिलाएं शामिल थीं। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

जेएएसी पर प्रतिबंध, नेताओं की तलाश तेज

पाकिस्तानी प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए जेएएसी को गैर-कानूनी संगठन घोषित कर दिया है। इसके बाद संगठन के प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, जेएएसी नेताओं शौकत नवाज मीर, उमर नजीर कश्मीरी, सरदार अमन और ख्वाजा मेहरान की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वालों के लिए एक करोड़ रुपये तक के इनाम की घोषणा की गई है। प्रशासन ने सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन भी दिया है।

वकीलों ने किया अदालतों का बहिष्कार

जेएएसी के वरिष्ठ सदस्य और अधिवक्ता अमजद अली खान की कथित गिरफ्तारी के विरोध में पीओके के वकीलों ने अदालतों की कार्यवाही का बहिष्कार किया। बार काउंसिल के आह्वान पर कई न्यायालयों में कामकाज प्रभावित रहा।

उधर, मानवाधिकार संगठनों ने भी क्षेत्र में बढ़ती हिंसा और टकराव को लेकर चिंता जताई है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और विवाद का समाधान संवाद के माध्यम से निकालना चाहिए।

बातचीत से समाधान की अपील

पीओके के तथाकथित प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने हालात को सामान्य बनाने के लिए सभी पक्षों से बातचीत की मेज पर लौटने का आग्रह किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ मांगों पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है, लेकिन समाधान केवल संवाद और राजनीतिक प्रक्रिया के जरिए ही संभव है।

जेएएसी लंबे समय से पीओके विधानसभा में आरक्षित 12 “शरणार्थी सीटों” को समाप्त करने की मांग कर रहा है। संगठन का कहना है कि इन सीटों की व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है, जबकि प्रशासन इस मुद्दे पर सावधानीपूर्वक विचार की बात कर रहा है।

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