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सनसनीखेज: कुशीनगर में शिक्षा का मंदिर शर्मसार: 5 साल की मासूम से स्कूल में दरिंदगी, प्रधानाचार्य गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

कुशीनगर | शनिवार, 11 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शिक्षा के मंदिर में एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की गई। तरयासुजान थाना क्षेत्र के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में 5 साल की मासूम छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रधानाचार्य को हिरासत में ले लिया है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार की है जब कक्षा 1 में पढ़ने वाली 5 वर्षीय मासूम छात्रा रोजाना की तरह सुबह 8 बजे स्कूल गई थी। सुबह करीब 11:30 बजे जब वह घर लौटी, तो उसकी हालत अत्यंत खराब थी। वह लगातार रो रही थी और उसके शरीर से भारी रक्तस्राव (Bleeding) हो रहा था। परिजनों के पूछने पर बच्ची ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक नईमुद्दीन अंसारी और एक अन्य शिक्षक की घिनौनी करतूत के बारे में बताया।

हालत नाजुक, मेडिकल कॉलेज रेफर

परिजनों ने तत्काल बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) सेवरही पहुँचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे कुशीनगर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जिला अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ. सुधा ने शारीरिक परीक्षण के बाद बच्ची के गुप्तांगों पर गहरे घाव और दुष्कर्म की पुष्टि की आशंका जताई है। फिलहाल बच्ची का उपचार जारी है और उसकी हालत स्थिर लेकिन नाजुक बताई जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई और FIR

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर:

  • प्रधानाचार्य नईमुद्दीन अंसारी को नामजद किया है।

  • एक अन्य अज्ञात शिक्षक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

  • पुलिस ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।

अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि पुलिस टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पीड़िता और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। तरयासुजान पुलिस ने मुख्य आरोपी नईमुद्दीन अंसारी को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

आरोपी पक्ष का बचाव और स्थानीय आक्रोश

मामले में विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने आरोपों को गलत बताते हुए इसे साजिश करार दिया है। एक शिक्षक का दावा है कि बच्ची पहले से अस्वस्थ थी। हालांकि, डॉक्टरों की रिपोर्ट और बच्ची के बयानों ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों और हिंदू संगठनों में भारी रोष है, जो आरोपियों को बर्खास्त करने और सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्कूल परिसर और आसपास सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट के विस्तृत अध्ययन के बाद आगे की विधिक कार्रवाई और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।