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जांजगीर-चांपा: पीएम श्री स्कूल की प्रिंसिपल निलंबित, प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान की जगह ‘हालेलुया’ गवाने का आरोप

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पीएम श्री शासकीय कन्या प्राथमिक शाला बालोदा जांजगीर-चांपा

रायपुर । सोमवार, 11 मई 2026

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बालोदा ब्लॉक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पीएम श्री शासकीय कन्या प्राथमिक शाला की प्रधान पाठक (प्रिंसिपल) लक्ष्मी देवी भारद्वाज को जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर न केवल बच्चों के धार्मिक धर्मांतरण के प्रयास का आरोप है, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग की गंभीर वित्तीय अनियमितताएं भी पाई गई हैं।

क्या है पूरा विवाद? (मुख्य आरोप)

ग्रामीणों और अभिभावकों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, स्कूल की गतिविधियों में लंबे समय से असंवैधानिक बदलाव देखे जा रहे थे:

  1. राष्ट्रगान पर रोक: आरोप है कि प्रिंसिपल ने सुबह की सभा में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को बंद करवाकर छात्राओं को ईसाई प्रार्थनाएँ जैसे ‘गॉड इज़ ग्रेट’ और ‘हालेलुया’ गाने के लिए मजबूर किया।

  2. धार्मिक भेदभाव: छात्राओं के मन में हिंदू देवी-देवताओं के प्रति नकारात्मक विचार भरने और उन्हें ईसाई धर्म की ओर आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे थे।

  3. वित्तीय गबन: जाँच में यह भी स्पष्ट हुआ कि वर्ष 2021-22 के दौरान, प्रिंसिपल ने सरकारी योजनाओं के फंड को फर्जी बिलों के माध्यम से अपने और अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया था।

कलेक्टर की सख्त कार्रवाई

इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब 7 मई 2026 को आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्टर के पास पहुँचे। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को तत्काल जाँच के आदेश दिए। प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।

पूर्व का आपराधिक रिकॉर्ड

यह पहली बार नहीं है जब लक्ष्मी देवी भारद्वाज विवादों में रही हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले साल उनके खिलाफ बालोदा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। हालाँकि, उस समय उन्हें न्यायालय से जमानत मिल गई थी, लेकिन ताज़ा शिकायतों ने उनकी सेवा पर पूर्ण विराम लगा दिया है।

निष्कर्ष

सरकारी स्कूलों को धर्मनिरपेक्षता और एकता का केंद्र माना जाता है। ऐसे में राष्ट्रगान की जगह धार्मिक गीतों को प्राथमिकता देना और बच्चों के कोमल मन पर प्रभाव डालना गंभीर चिंता का विषय है। वर्तमान में प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है और आगे की विभागीय जाँच जारी है।

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