नई दिल्ली | मंगलवार, 18 अगस्त 2026
भारत ने अपनी रणनीतिक खनिज सुरक्षा (Strategic Mineral Security) और ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को गति देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ऐतिहासिक पहल की है। भारत सरकार की संयुक्त उद्यम (Joint Venture) कंपनी Khanij Bidesh India Limited (KABIL) को उम्मीद है कि वह अर्जेंटीना के लिथियम-समृद्ध क्षेत्रों में आगामी 4–5 वर्षों के भीतर वाणिज्यिक निष्कर्षण (Lithium Extraction & Production) शुरू कर देगी।
फिलहाल इस प्रोजेक्ट की विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) और तकनीकी मूल्यांकन का काम जारी है। यह कदम देश की बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) उद्योग और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (Energy Storage Systems) को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
अर्जेंटीना में KABIL का ₹200 करोड़ का लिथियम समझौता
वर्ष 2024 में KABIL ने अर्जेंटीना की सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी CAMYEN के साथ कैटामार्का (Catamarca) प्रांत में स्थित पाँच लिथियम ब्राइन ब्लॉक्स (Lithium-Brine Blocks) के अन्वेषण (Exploration) और विकास के लिए लगभग ₹200 करोड़ के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
इस ऐतिहासिक डील के तहत भारत को अर्जेंटीना में लिथियम संपत्तियों की खोज, मूल्यांकन और वाणिज्यिक दोहन के अनन्य अधिकार (Exclusive Rights) मिले हैं।
कैटामार्का प्रांत से मिले 7 नए ब्लॉक्स के प्रस्ताव
अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांतीय सरकार ने KABIL के प्रदर्शन और भारत की प्रतिबद्धता को देखते हुए 7 अतिरिक्त ग्रीनफील्ड लिथियम-ब्राइन ब्लॉक्स की पेशकश भी की है।
वर्तमान में KABIL की तकनीकी और भूवैज्ञानिक टीमें इन नए प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रही हैं। इसके अलावा अर्जेंटीना के अन्य खनिज-समृद्ध प्रांतों साल्टा (Salta) और जुजुई (Jujuy) के साथ भी नए लिथियम प्रोजेक्ट्स को लेकर उच्च स्तरीय बातचीत चल रही है।
उत्पादन (Production) समय-सीमा और शुरुआती चुनौतियाँ
KABIL के अधिकारियों के अनुसार, अर्जेंटीना में लिथियम निष्कर्षण तक पहुँचने में अगले 4 से 5 वर्षों का समय लगने की उम्मीद है।
देरी की मुख्य वजह
कंपनी ने स्वीकार किया है कि लिथियम ब्राइन डिपॉजिट्स (Lithium Brine Deposits) के प्रसंस्करण और तकनीकी प्रबंधन में शुरुआती अनुभव की कमी के कारण कुछ शुरुआती विलंब दर्ज किया गया है।
हार्ड-रॉक लिथियम खनन की तुलना में ब्राइन (लवणीय जल) से लिथियम निकालने की प्रक्रिया जटिल, समय लेने वाली और विशिष्ट तकनीकी दक्षता की माँग करती है। KABIL अब वैश्विक विशेषज्ञों के साथ साझेदारी और उन्नत अन्वेषण तकनीकों के ज़रिए व्यवहार्यता चरण (Feasibility Phase) को तेजी से पूरा कर रही है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है अर्जेंटीना का ‘लिथियम ट्रायंगल’?
लिथियम को “सफेद सोना” (White Gold) कहा जाता है। यह इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), स्मार्टफोन, लैपटॉप और ग्रिड-लेवल एनर्जी स्टोरेज बैटरियों का प्राथमिक और अपरिहार्य घटक है।
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लिथियम ट्रायंगल की अहमियत: अर्जेंटीना, बोलीविया और चिली मिलकर दुनिया के “Lithium Triangle” का निर्माण करते हैं, जहाँ विश्व के लगभग 50% से अधिक लिथियम संसाधन मौजूद हैं।
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चीन पर निर्भरता में कमी: वर्तमान में भारत अपनी लिथियम और बैटरी आवश्यकताओं के अधिकांश हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। विदेश में भारतीय स्वामित्व वाली खदानें होने से आयात निर्भरता में भारी कमी आएगी।
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ग्लोबल डाइवर्सिफिकेशन: अर्जेंटीना के अलावा KABIL ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी लिथियम और कोबाल्ट (Cobalt) परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए प्रयासरत है।
[भारत की क्रिटिकल मिनरल रणनीति]
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[अर्जेंटीना लिथियम ब्राइन] [ऑस्ट्रेलिया कोबाल्ट व लिथियम]
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[आत्मनिर्भर EV व बैटरी सप्लाई चेन]
आगे का रास्ता: जोखिम और संभावनाएँ
यद्यपि 4–5 वर्षों की समयावधि तय की गई है, परंतु वास्तविक उत्पादन और भारत आपूर्ति निम्नलिखित प्रमुख कारकों पर निर्भर करेगी:
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एक्सप्लोरेशन परिणाम (Exploration Results): ब्राइन ब्लॉक्स में लिथियम की सांद्रता (Concentration Level) और गुणवत्ता।
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पर्यावरणीय और नियामक मंज़ूरी (Regulatory Approvals): स्थानीय समुदाय और प्रांतीय सरकारों से प्राप्त होने वाली क्लीयरेंस।
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प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण: प्रत्यक्ष लिथियम निष्कर्षण (Direct Lithium Extraction – DLE) जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. KABIL क्या है और इसका मुख्य कार्य क्या है?
KABIL (Khanij Bidesh India Limited) भारत सरकार के खान मंत्रालय के अंतर्गत NALCO, HCL और MECL का एक संयुक्त उद्यम (JV) है, जिसका काम विदेश में रणनीतिक और क्रिटिकल खनिजों (जैसे लिथियम, कोबाल्ट) की खोज और अधिग्रहण करना है।
Q2. लिथियम को ‘क्रिटिकल मिनरल’ क्यों कहा जाता है?
लिथियम हरित ऊर्जा संक्रमण (Green Energy Transition) और इलेक्ट्रिक वाहनों की लीथियम-आयन बैटरियों के निर्माण के लिए अति आवश्यक है। इसकी निर्बाध आपूर्ति के बिना क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को हासिल करना संभव नहीं है।
Q3. अर्जेंटीना में KABIL के प्रोजेक्ट में कितना समय लगेगा?
वर्तमान अनुमानों के अनुसार, व्यवहार्यता अध्ययन, अन्वेषण और नियामक मंजूरियाँ पूरी होने के बाद अगले 4 से 5 वर्षों में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। इसमें व्यक्त किए गए विचार और समय-सीमाएँ सरकारी रिपोर्टों और वर्तमान बाजार रुझानों पर आधारित हैं।
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