जम्मू । रविवार, 12 अप्रैल 2026
बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है! उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 की आधिकारिक तिथियों की घोषणा कर दी है। इस बार पवित्र गुफा की यह यात्रा 57 दिनों तक चलेगी, जिसमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए कई क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं।
📅 यात्रा का शेड्यूल और महत्वपूर्ण तारीखें
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यात्रा प्रारंभ: 3 जुलाई 2026
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यात्रा समापन: 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन के दिन)
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प्रथम पूजा: 19 जून 2026 (ज्येष्ठ पूर्णिमा)
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पंजीकरण (Registration) शुरू: 15 अप्रैल 2026 से
💳 रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन विकल्प
श्रद्धालु दो तरीकों से अपना पंजीकरण करा सकते हैं:
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ऑफलाइन: देशभर की 556 अधिकृत बैंक शाखाओं (PNB, SBI, Yes Bank, J&K Bank और ICICI Bank) के माध्यम से।
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ऑनलाइन: श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए।
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अनिवार्य दस्तावेज: पंजीकरण के लिए 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी किया गया Compulsory Health Certificate (CHC) अनिवार्य है।
🛡️ 2026 के नए नियम और सुरक्षा अपडेट
प्रशासन ने इस वर्ष यात्रा को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
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बढ़ा हुआ बीमा कवर: उपराज्यपाल ने घोषणा की है कि तीर्थयात्रियों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दिया गया है।
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RFID कार्ड अनिवार्य: बिना RFID कार्ड के किसी भी यात्री को डोमेल या चंदनवाड़ी गेट पार करने की अनुमति नहीं होगी। यह कार्ड ई-केवाईसी के बाद जम्मू-कश्मीर के केंद्रों से प्राप्त किया जा सकेगा।
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स्वास्थ्य सुविधाएं: आपात स्थिति के लिए मार्ग में 200 बिस्तरों वाला विशेष अस्पताल और मौसम की सटीक जानकारी के लिए डॉप्लर रडार सिस्टम स्थापित किया गया है।
👥 कौन कर सकता है यात्रा? (पात्रता)
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आयु: 13 वर्ष से 70 वर्ष के बीच।
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गर्भवती महिलाएं: 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं है।
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फीस: बैंक/ऑनलाइन पंजीकरण शुल्क ₹150 प्रति व्यक्ति निर्धारित है।
🛤️ यात्रा मार्ग: अपनी क्षमतानुसार चुनें
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पहलगाम मार्ग (48 किमी): यह पारंपरिक और चौड़ा मार्ग है, जिसमें चढ़ाई धीरे-धीरे होती है।
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बालटाल मार्ग (14 किमी): यह छोटा है लेकिन इसकी चढ़ाई काफी खड़ी है। यह उन लोगों के लिए बेहतर है जो कम समय में यात्रा पूरी करना चाहते हैं।
विशेष टिप: यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की कमी और कठिन चढ़ाई से बचने के लिए अभी से रोजाना सुबह 4-5 किमी पैदल चलने और प्राणायाम का अभ्यास शुरू कर दें।
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