वाराणसी | रविवार, 12 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी काशी अब अपनी प्राचीन विरासत के साथ ‘डिजिटल इंडिया’ की नई इबारत लिख रही है। वाराणसी नगर निगम ने शहर को स्मार्ट बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट पर नि:शुल्क हाई-स्पीड Wi-Fi सेवा का विधिवत लोकार्पण कर दिया है।
डिजिटल घाट: एक क्लिक पर मिलेगा इंटरनेट
इस सेवा का उद्घाटन करते हुए मेयर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि इंटरनेट आज की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य काशी को दुनिया का सबसे आधुनिक और सुगम पर्यटन केंद्र बनाना है। यह सुविधा न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि वैश्विक पर्यटकों और शोधार्थियों के लिए भी वरदान साबित होगी।”
कैसे करें उपयोग?
भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के प्रधान महाप्रबंधक अनिल कुमार गुप्ता के अनुसार:
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घाटों पर प्रमुख स्थानों पर QR कोड वाले बोर्ड लगाए गए हैं।
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उपयोगकर्ता इन कोड को स्कैन कर तुरंत नेटवर्क से जुड़ सकते हैं।
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नेटवर्क की क्षमता इतनी है कि भीड़भाड़ वाले विशेष आयोजनों (जैसे गंगा आरती) के दौरान भी कनेक्टिविटी बाधित नहीं होगी।
सुरक्षा पर प्रहार: नावों के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
वृंदावन हादसे के बाद वाराणसी प्रशासन ने गंगा में नौका संचालन को लेकर नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस कमिश्नरेट और नगर निगम ने संयुक्त रूप से सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है।
नए सुरक्षा नियम और सख्ती:
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ओवरलोडिंग पर जेल और जुर्माना: क्षमता से अधिक यात्री बैठाने वाले नाविकों पर ₹10,000 तक का जुर्माना और 6 महीने तक की जेल हो सकती है।
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रूट निर्धारण: अस्सी से नमो घाट के बीच नावों के लिए एक समर्पित रूट तय किया गया है। निर्धारित रूट से बाहर जाने वाली नावों को जब्त किया जाएगा।
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अनिवार्य सुरक्षा उपकरण: बिना लाइफ जैकेट, टॉर्च और फर्स्ट एड किट के नाव संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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पंजीकरण अनिवार्य: केवल पंजीकृत नाविक ही गंगा में नाव संचालित कर सकेंगे।
एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि घाटों पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और संवेदनशील/गहरे क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ते कदम
वाराणसी अब सिर्फ मंदिरों का शहर नहीं, बल्कि 3D डिजिटल ट्विन और हाई-टेक कनेक्टिविटी वाला आधुनिक शहर बन रहा है। नगर निगम की योजना है कि आने वाले समय में इस फ्री Wi-Fi सेवा का विस्तार मणिकर्णिका, नमो और पंचगंगा जैसे अन्य प्रमुख घाटों तक भी किया जाए।
इस पहल से काशी आने वाले लाखों पर्यटकों को अब जानकारी साझा करने और डिजिटल भुगतान करने में कोई कठिनाई नहीं होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
मुख्य बिंदु:
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मेयर अशोक कुमार तिवारी ने किया हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा का शुभारंभ।
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BSNL के सहयोग से घाटों पर बने ‘फ्री वाई-फाई जोन’, QR कोड से मिलेगी कनेक्टिविटी।
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नावों में ओवरलोडिंग और बिना लाइफ जैकेट संचालन पर सख्त पाबंदी; रूट भी हुए तय।
Matribhumisamachar


