नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) के अवसर पर दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में देश के कोने-कोने से आए युवाओं के एक विशाल समूह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने 29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का भव्य उद्घाटन किया और युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।
2047 तक ‘विकसित भारत’ का रोडमैप
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भारत का भविष्य युवाओं के पुरुषार्थ पर टिका है। उन्होंने कहा, “अगले 25 वर्ष भारत के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष हैं। युवा शक्ति को एकजुट होकर 2047 तक भारत को एक आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में सक्रिय योगदान देना होगा।” उन्होंने युवाओं को नवाचार (Innovation) और तकनीक के क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया।
स्वामी विवेकानंद: युवा शक्ति के प्रेरणा स्रोत
पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद के कालजयी विचारों का स्मरण करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने 19वीं सदी में थे। प्रधानमंत्री के अनुसार, विवेकानंद का जीवन हमें सिखाता है कि आत्म-विश्वास और राष्ट्र-भक्ति के संगम से ही भारत अपनी युवा शक्ति का पूर्ण दोहन कर वैश्विक गुरु बन सकता है।
29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 29वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया। इस महोत्सव की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
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विविधता का संगम: देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के हजारों युवा अपनी प्रतिभा और संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।
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एक मंच, अनेक अवसर: महोत्सव का उद्देश्य युवाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहाँ वे न केवल अपनी कला दिखा सकें, बल्कि देश की प्रगति के लिए नए आइडियाज पर चर्चा भी कर सकें।
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कौशल विकास: इस दौरान कई कार्यशालाओं और सत्रों का आयोजन किया जाएगा जो युवाओं को आधुनिक अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करेंगे।
युवाओं के लिए संदेश
संबोधन के समापन पर प्रधानमंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बनाने (Vocal for Local) की दिशा में काम करें। उन्होंने ‘भारत मंडपम’ में मौजूद हजारों युवाओं को देश के विकास का ‘सार्थी’ बनने का संकल्प दिलाया।
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