कानपुर. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), कानपुर शाखा द्वारा शुक्रवार को परेड स्थित ‘टेंपल ऑफ सर्विस’ कॉन्फ्रेंस हॉल में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। “विश्व किडनी दिवस 2026” के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता को किडनी रोगों के प्रति सचेत करना और समय पर जांच के महत्व को समझाना था।
सावधान! ‘खामोश’ बीमारी है क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD)
आईएमए कानपुर के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि इस वर्ष विश्व किडनी दिवस 12 मार्च को मनाया गया, जिसकी थीम “सभी के लिए किडनी स्वास्थ्य: उपचार तक समान पहुंच और इष्टतम दवा अभ्यास” रखी गई है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किडनी की बीमारियां अक्सर शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखातीं, इसलिए इन्हें ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है।
कानपुर समाचार: आईएमए की नई पहल
प्रतिवर्ष 20 लाख लोगों की किडनी फेल होने के मुख्य कारण
वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिलीप कुमार सिन्हा ने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि हर साल लाखों लोग किडनी फेलियर का शिकार हो रहे हैं। इसके पीछे मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:
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अनियंत्रित मधुमेह (डायबिटीज) और हाई ब्लड प्रेशर।
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दर्द निवारक दवाओं (Painkillers) का लंबे समय तक और बिना डॉक्टरी सलाह के इस्तेमाल।
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बार-बार होने वाला यूरिन इन्फेक्शन और पथरी की समस्या।
स्वास्थ्य चर्चा: साइलेंट किलर बीमारियों से कैसे बचें
बचाव के ‘गोल्डन रूल्स’ और मानक
डॉ. देशराज गुर्जर और डॉ. युवराज गुलाटी ने स्वस्थ किडनी के लिए कुछ अनिवार्य मानक साझा किए:
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शुगर कंट्रोल: खाली पेट शुगर 120mg/dl और खाने के बाद 140mg/dl से नीचे रखें।
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ब्लड प्रेशर: इसे 130/80 mmHg के भीतर नियंत्रित रखें।
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दो सरल टेस्ट: साल में कम से कम एक बार ACR (पेशाब की जांच) और GFR (खून की जांच) जरूर कराएं। ये टेस्ट बीमारी को शुरुआती चरण में पकड़ने में सक्षम हैं।
मेडिकल अपडेट: मधुमेह और किडनी का गहरा संबंध
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि आपको लगातार थकान, पैरों या आंखों के नीचे सूजन, पेशाब में झाग आना या रात में बार-बार पेशाब जाने जैसी समस्या हो रही है, तो यह किडनी डैमेज का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सचिव डॉ. शालिनी मोहन, वित्त सचिव डॉ. विशाल सिंह और वैज्ञानिक सचिव डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से लोगों से अपील की कि वे पर्याप्त पानी पिएं, नमक का सेवन कम करें, नियमित व्यायाम करें और धूम्रपान व शराब से दूरी बनाएं।
इस अवसर पर आईएमए के कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने समाज में किडनी स्वास्थ्य के प्रति निरंतर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
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