नई दिल्ली. भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में मेहमान टीम ने पलटवार करते हुए टीम इंडिया को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली। इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की सीरीज को 1-1 से रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है।
केएल राहुल का संघर्षपूर्ण शतक: भारत ने बनाया चुनौतीपूर्ण स्कोर
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली सस्ते में पवेलियन लौट गए। हालांकि, सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल (56) ने एक छोर संभाले रखा। मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने आए केएल राहुल ने अपनी क्लास दिखाते हुए शानदार 112 रनों की नाबाद पारी खेली। राहुल ने अपनी पारी में 10 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के जड़े, जिसकी बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर 284 रन बनाए।
डैरिल मिचेल का ‘तूफान’ और विल यंग की समझदारी
285 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत सधी हुई रही। भले ही फिन एलन जल्दी आउट हो गए, लेकिन विल यंग (87) और डैरिल मिचेल के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
डैरिल मिचेल ने भारतीय स्पिनरों, विशेषकर कुलदीप यादव को निशाना बनाया। मिचेल ने महज 117 गेंदों पर 131 रनों की नाबाद पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी का अंत एक दर्शनीय स्कूप शॉट के साथ चौका मारकर किया और 47.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।
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भारतीय गेंदबाजी और फील्डिंग में दिखी चूक
राजकोट की सपाट पिच पर भारतीय गेंदबाज बेअसर नजर आए।
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कुलदीप यादव: आज काफी महंगे साबित हुए और अपने 10 ओवरों में 82 रन लुटा दिए।
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मोहम्मद सिराज: शुरुआती स्विंग मिलने के बावजूद विकेट लेने में नाकाम रहे।
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फील्डिंग: भारत ने मैच के दौरान दो महत्वपूर्ण कैच छोड़े, जिसमें डैरिल मिचेल का जीवनदान टीम इंडिया को सबसे भारी पड़ा।
रिकॉर्ड्स का रहा दिन
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ऐतिहासिक चेज: यह भारत की धरती पर न्यूजीलैंड द्वारा पीछा किया गया अब तक का सबसे बड़ा वनडे स्कोर है।
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राहुल का पुनर्जन्म: आलोचकों के निशाने पर रहे केएल राहुल ने इस शतक के साथ चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है।
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मिचेल का दबदबा: डैरिल मिचेल का भारत के खिलाफ यह तीसरा वनडे शतक है, जो उनकी उपमहाद्वीप की पिचों पर पकड़ को दर्शाता है।
अब इंदौर में होगा ‘फाइनल’
सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर है। तीसरा और निर्णायक मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। छोटी बाउंड्री वाले उस मैदान पर भारतीय टीम अपनी गेंदबाजी रणनीति में बदलाव कर सीरीज पर कब्जा करने के इरादे से उतरेगी।
भारत की हार का मुख्य कारण बीच के ओवरों में विकेट न ले पाना रहा। जहाँ कीवी स्पिनरों ने रनों पर अंकुश लगाया, वहीं भारतीय स्पिनर विकेट के लिए संघर्ष करते दिखे। क्या तीसरे मैच में कुलदीप की जगह युजवेंद्र चहल या किसी अतिरिक्त तेज गेंदबाज को मौका मिलेगा? यह देखना दिलचस्प होगा।
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