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अयोध्या राम मंदिर मकर संक्रांति 2026: 5 लाख भक्तों ने किया सरयू स्नान, रामलला को लगा भव्य खिचड़ी भोग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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अयोध्या. सूर्य के उत्तरायण होने और मकर राशि में प्रवेश के साथ ही राम नगरी अयोध्या में ‘मकर संक्रांति’ का पावन पर्व अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद यह दूसरा अवसर है जब लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन और पुण्य स्नान के लिए अयोध्या पहुंचे हैं। बुधवार रात से ही सरयू के तट पर जनसैलाब उमड़ पड़ा, और कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था भारी पड़ती दिखाई दी।

? सरयू स्नान: 5 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, मकर संक्रांति के अवसर पर करीब 5 लाख श्रद्धालुओं ने पावन सरयू नदी में स्नान किया।

  • भोर से ही शुरू हुआ स्नान: सुबह 4:00 बजे से ही नया घाट, राम की पैड़ी और गुप्तार घाट पर भक्तों का तांता लग गया।

  • पुण्य काल का महत्व: ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल 14 जनवरी को दोपहर 3:13 बजे सूर्य का मकर राशि में संक्रमण हुआ, जिसके कारण बुधवार शाम और गुरुवार सुबह स्नान-दान का विशेष मुहूर्त बना।

  • तिल-गुड़ का दान: स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाटों पर मौजूद पंडितों और जरूरतमंदों को तिल, गुड़, खिचड़ी और ऊनी कपड़ों का दान कर पुण्य अर्जित किया।

? राम मंदिर में विशेष उत्सव और ‘खिचड़ी भोग’

श्री राम जन्मभूमि मंदिर में मकर संक्रांति का उत्सव भव्य रूप से मनाया गया।

  • रामलला का दिव्य श्रृंगार: रामलला को आज विशेष रूप से तैयार किए गए पीले रेशमी वस्त्र धारण कराए गए, जिन पर सोने और चांदी के तारों से नक्काशी की गई थी।

  • 1.5 क्विंटल खिचड़ी का भोग: प्रभु राम को करीब डेढ़ क्विंटल (150 किलो) खिचड़ी का भोग लगाया गया। यह खिचड़ी चावल, मूंग की दाल, देसी घी और मेवों के विशेष मिश्रण से तैयार की गई थी। बाद में इस भोग को भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया गया।

  • सूर्य मंदिर में अनुष्ठान: मंदिर परिसर में नवनिर्मित सूर्य मंदिर में भी विशेष वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सूर्य देव की आराधना और हवन संपन्न हुआ।

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?️ सुरक्षा व्यवस्था: चप्पे-चप्पे पर पहरा

इतनी भारी भीड़ को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे:

  • सुरक्षा बल: 8,000 से अधिक पुलिसकर्मियों, PAC की कंपनियों और SSF (विशेष सुरक्षा बल) के जवानों को तैनात किया गया।

  • क्राउड मैनेजमेंट: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राम जन्मभूमि पथ पर ‘जिग-जैग’ बैरिकेडिंग और अतिरिक्त होल्डिंग एरिया बनाए गए।

  • ड्रोन निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र और राम मंदिर परिसर की निगरानी आधुनिक ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए की गई।

  • जल सुरक्षा: सरयू नदी में गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी और NDRF व SDRF की टीमें मोटर बोट के साथ तैनात रहीं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।