गुवाहाटी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान पूर्वोत्तर की बदलती तस्वीर का खाका पेश किया। गुवाहाटी से कोकराझार की वर्चुअल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिस पूर्वोत्तर में कभी बम और गोलियों की गूँज सुनाई देती थी, वहां अब शांति और प्रगति का नया अध्याय लिखा जा रहा है।
विधानसभा चुनावों की आहट के बीच पीएम मोदी का यह संबोधन न केवल विकास कार्यों का लेखा-जोखा था, बल्कि विपक्षी दलों पर तीखा हमला भी था।
1. बोडोलैंड में स्थायी शांति और ‘डबल इंजन’ का दम
प्रधानमंत्री ने कहा कि Bodoland Territorial Region (BTR) में दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त करना भाजपा सरकार की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा:
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दिखावे की राजनीति का अंत: कांग्रेस ने दशकों तक केवल कागजों पर शांति समझौते किए, लेकिन भाजपा ने जमीन पर ठोस काम किया।
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सुरक्षा और विकास: आज कोकराझार और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं के हाथों में हथियार नहीं, बल्कि तकनीक और किताबें हैं।
2. घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा पर कड़ा रुख
पीएम मोदी ने असम की जनसांख्यिकी (Demography) में आ रहे बदलावों पर चिंता जताते हुए कांग्रेस को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि:
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कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए मूल निवासियों की जमीनें घुसपैठियों को सौंप दीं।
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धुबरी और गोलपाड़ा जैसे जिलों में स्थिति गंभीर हो गई थी, जिसका सीधा असर कोकराझार पर पड़ा।
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प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान का पुरजोर समर्थन किया और कहा कि देश में घुसपैठियों के लिए कोई स्थान नहीं है।
3. पीएम-किसान की 22वीं किस्त: 9.3 करोड़ किसानों को लाभ
किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने PM-Kisan Samman Nidhi की 22वीं किस्त जारी की।
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सीधा लाभ: 9.3 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई।
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असम को फायदा: इस योजना से असम के लाखों किसान परिवारों को अपनी खेती की जरूरतों के लिए सीधी आर्थिक मदद मिली है।
4. बुनियादी ढांचे में ₹19,680 करोड़ का निवेश
प्रधानमंत्री ने असम के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया:
| परियोजना का नाम | महत्व और प्रभाव |
| कोपिली जलविद्युत परियोजना | ₹2,300 करोड़ की लागत से बिजली संकट दूर होगा। |
| नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड (Phase 1) | गुवाहाटी, गोहपुर, ईटानगर और दीमापुर को गैस पाइपलाइन से जोड़ना। |
| नुमालीगढ़ पाइपलाइन विस्तार | सिलीगुड़ी तक पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को तेज और सस्ता बनाना। |
5. चाय श्रमिकों को मिला ऐतिहासिक न्याय
असम की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले चाय बागान श्रमिकों के लिए यह दिन ऐतिहासिक रहा।
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जमीन का मालिकाना हक: 20 जिलों के 106 चाय बागानों के 28,241 परिवारों को जमीन के पट्टे सौंपने की प्रक्रिया शुरू हुई।
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पीएम ने कहा, “कांग्रेस ने चाय श्रमिकों को केवल वोट बैंक समझा, लेकिन हम उन्हें सम्मान और सुरक्षा दे रहे हैं।”
6. ‘मोहब्बत की दुकान’ पर मोदी का तंज
राहुल गांधी के नारे पर पलटवार करते हुए पीएम ने कहा कि कांग्रेस की दुकान दरअसल “झूठे वादों की दुकान” है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक झूठ के साथ चार ‘सुपर झूठ’ मुफ्त देती है, जबकि भाजपा की डबल-इंजन सरकार जो वादा करती है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाती है।
आगामी चुनाव
126 सदस्यीय असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पीएम मोदी का यह दौरा राज्य में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा गया है। शांति, जमीन के अधिकार और किसान सम्मान निधि जैसे मुद्दों के जरिए भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका चुनावी एजेंडा ‘विकास और सुरक्षा’ पर केंद्रित रहेगा।
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