बाराबंकी । शुक्रवार, 14 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। हरख विकासखंड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (सत्रीख थाना क्षेत्र) में गुरुवार सुबह की प्रार्थना सभा (Assembly) के दौरान करीब 24 छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। देखते ही देखते कई छात्राएं चक्कर आने के बाद बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। इस घटना से स्कूल परिसर और अभिभावकों में हड़कंप मच गया।
☀️ ‘हर घर तिरंगा’ की तैयारी और 1 घंटे की असेंबली
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, आगामी स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तैयारियां चल रही थीं। इसके चलते छात्राएं सुबह की प्रार्थना सभा में करीब एक घंटे तक धूप और उमस में लगातार खड़ी रहीं।
लंबे समय तक खड़े रहने के कारण छात्राओं ने पहले तेज सिरदर्द, घबराहट और चक्कर आने की शिकायत की। कुछ ही मिनटों में एक-एक करके लगभग दो दर्जन छात्राएं गश खाकर गिर पड़ीं।
🏥 अस्पताल में त्वरित इलाज और राहत
घटना के तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने एम्बुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से सभी प्रभावित छात्राओं को सत्रीख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. नितीश कुमार सिंह के अनुसार, प्राथमिक तौर पर तेज धूप में देर तक खड़े रहने, शरीर में पानी की कमी (Dehydration) और सुबह खाली पेट घर से आने को बेहोशी की मुख्य वजह बताया गया है। प्राथमिक उपचार और ओआरएस (ORS) घोल आदि देने के बाद सभी छात्राओं की हालत में सुधार आ गया और प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
🏫 प्रशासनिक जांच में खुली स्कूल की बुनियादी अव्यवस्था
घटना की सूचना मिलते ही संयुक्त मजिस्ट्रेट (SDM नवाबगंज) गुंजिता अग्रवाल और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले अस्पताल पहुँचकर बच्चों का हाल जाना और फिर सीधे स्कूल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान स्कूल की बुनियादी व्यवस्थाओं में भारी खामियां पाई गईं:
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खराब वाटर कूलर: स्कूल की दूसरी मंजिल की गैलरी में लगा वाटर कूलर बंद पड़ा था, जिससे भीषण गर्मी में छात्राओं के पास पीने के साफ पानी का अभाव था।
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धीमी गति से चलते पंखे: कई कक्षाओं में पंखे बहुत धीमी रफ्तार से चल रहे थे। अधिकारियों ने मौके पर ही बिजली और पंखों को तुरंत ठीक कराने के सख्त निर्देश दिए।
💡 आगे के लिए जरूरी सबक
विशेषज्ञों और अभिभावकों का कहना है कि भीषण गर्मी और उमस के दिनों में प्रार्थना सभाओं का समय 15 से 20 मिनट से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, सुबह बच्चों को खाली पेट स्कूल न भेजने और पर्याप्त पानी पीने के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्कूलों में वाटर कूलर और पंखों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: यह घटना बाराबंकी के किस स्कूल में हुई?
उत्तर: यह घटना बाराबंकी जिले के हरख गांव (सत्रीख थाना क्षेत्र) स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हुई।
Q2: छात्राओं के बेहोश होने की मुख्य वजह क्या थी?
उत्तर: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तैयारियों के कारण 1 घंटे तक धूप में खड़े रहना, खाली पेट होना और निर्जलीकरण (Dehydration) मुख्य वजहें रहीं।
Q3: क्या किसी छात्रा की स्थिति गंभीर है?
उत्तर: नहीं, प्राथमिक उपचार के बाद सभी छात्राओं की स्थिति सामान्य हो गई और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)
यह समाचार लेख प्राथमिक रिपोर्टों और प्रशासनिक बयानों के आधार पर जनहित में जानकारी साझा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें।
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